इंदौर .मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने मध्यप्रदेश के दस सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए 270 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों में इजाफा कर दिया है। इसी शैक्षणिक सत्र से बढ़ाई जाने वाली सीटें अार्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए आरक्षित रहेंगी। इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटाें की संख्या 150 से 180 कर दी गई है। इंदाैर के साथ सागर, ग्वालियर, भोपाल, दतिया, खंडवा, रतलाम, विदिशा, जबलपुर और रीवा के मेडिकल कॉलेजों में भी एमबीबीएस की सीट बढ़ाई गई है।
इसी के साथ मप्र सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 1570 एमबीबीएस सीट हो जाएंगी। इसके पहले 1300 एमबीबीएस सीट थी। खास बात यह है कि अाॅल इंडिया कोटा के छात्रों के लिए काउंसलिंग 24 जून से शुरू होने जा रही है। आनॅलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हाे चुके हैं। काउंसलिंग के शुरूआती दाैर में ही छात्राें काे यह बढ़ी सीट विकल्प के रूप में मिल पाएंगी। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, विदिशा और रतलाम मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीट बढ़ने से यहां 180-180 हाे गई है।

आरक्षण व्यवस्था तो इन सीटों पर भी लागू किया जा रहा :आरक्षण नियमों के तहत वर्तमान में कुल सीटों में से 15 फीसदी सीट ऑल इंडिया कोटा के छात्रों के लिए आरक्षित रहती है। शेष बची 85 फीसदी सीट में से 50 फीसदी सीट अनारक्षित वर्ग और 50 फीसदी सीट एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए रहती है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए केंद्र सरकार ने दस प्रतिशत अतिरिक्त सीटें बढ़ाने का फैसला लिया था। यदि एमजीएम मेडिकल कॉलेज की ही बात करें तो 150 एमबीबीएस सीट का दस फीसदी 15 सीट होती हैं लेकिन यहां 30 सीट बढ़ाई गई है। यानी 20 फीसदी सीटों में इजाफा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार इन सीटों पर भी आरक्षण सिस्टम लागू रहेगा। अनारक्षित और आरक्षित वर्ग के हिस्से बराबर सीट आएगी। सिर्फ एक अतिरिक्त शर्त आर्थिक पिछड़ापन की रहेगी।
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