नामर्द सरकार जवाब दे 146 बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन

KKK न्यूज़ रतलाम डॉ लोहिया के सिद्धांतों पर चलकर सियासत करने  का दम भरने  और समाजवाद की विचारधारा पर विश्वास रख बिहार का जंगलराज खत्म कर मंगल राज स्थापित का वादा तथा अपने आप को गरीबों के मसीहा के रूप में आम जनता के बीच अपनी पहचान बनाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री ने पटना से मुजफ्फरपुर पहुंचने में 17 दिन लगा दिए जबकि पटना से मुजफ्फरपुर मात्र 70 किलोमीटर है मासूम बच्चों की मौत का आंकड़ा 146 पर पहुंच गया है गुजरात में जिंदा जलते मासूम बच्चों को सिर्फ इसलिए नहीं बचाया जा सका कि उन्हें बचाने के लिए 30 फीट ऊंचाई पर चढ़ने के लिए हमारे पास सीढ़ी नहीं थी वही यूपी के गोरखपुर में 250 बच्चों को सिर्फ इसलिए हमेशा हमेशा के लिए गहरी नींद में सोने को मजबूर हो गए कि उनकी सांसों को लौटाने के लिए अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं था बिहार के मासूम बच्चों सिर्फ एक के बाद एक अपनी आंखें इसलिए   बंद कर रहे हैं कि उन्हें बचाने के लिए डॉक्टर और उपचार के संसाधन और दवाओं का इंतजाम नहीं है प्रश्न खड़ा होता है के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीतीश कुमार और योगी आदित्यनाथ सरकारें चला रहे हैं या गरीबों के बच्चों को सामूहिक रूप से कत्ल करने के उद्देश्य से अस्पतालों के नाम पर बूचड़खाना चला रहे हैं जहां बड़ी संख्या में गरीब बच्चों की  मौतें हो रही है माननीय सर्वोच्च न्यायालय को उक्त मामले में स्वयं संज्ञान लेकर तत्काल हस्तक्षेप न्याय हित में करना चाहिए देश और प्रदेश की गूंगी और बहरी और अंधी सरकारों से यह पूछना चाहिए 146 बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन है उनकी जिम्मेदारी  तय कर कर उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करना चाहिए अन्यथा आदम सेना मासूम बेबस और   और गरीब बच्चों की मौत के मामले में संपूर्ण देश में आंदोलन करने पर बाध्य होना पड़ेगा मेरे समझ में चाहिए नहीं आता उस सिविल सोसायटी को आखिर क्या हो गया जो बात बात पर इंडिया गेट पर मोमबत्ती लेकर मार्च निकालते हैं ₹5 या ₹10 पेट्रोल या गैस पर बढ़ने के लिए पूरे देश में हाहाकार मचा देते हैं वही जरा जरा सी बातों पर भारत बंद का आवाहन करते हैं क्या गरीब बच्चों की मौत मौत नहीं है क्या उन्हें मान और सम्मान के साथ जीने का अधिकार नहीं है उन गरीब बच्चों की मौत के ऊपर इतनी खामोशी सोचने पर मजबूर कर रही है यह कैसी देशभक्ति है यह कैसी जनसेवा है यह कैसा राजधर्म है यह कैसी राष्ट्रभक्ति है नामर्द सरकार कुंभकरण की नींद सोई है लोहिया जी ने कहा था जिंदा  कॉम 5 साल इंतजार नहीं करती ऐसा लगता है कि कॉम का जमीर मर चुका है क्योंकि मरने वाले सभी बच्चे गरीबों के हैं जीने अमीरों से कोई लेना देना नहीं और गरीब मजबूर है  इसलिए खामोश है हमारी बेबसी देखो उन्हें हम हमदर्द कहते हैं जो सच बोलने वालों को दहशत गर्द कहते हैं अगर  तुम मरते बच्चों को भी नहीं बचा पा रहे हो तो  सुन ले हुकूमत हम तुझे नामर्द कहते हैं नामर्द सरकार जवाब दे 146 बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन है



      लेखक

शेर मोहम्मद शाह 

कलयुग की कलम रतलाम

मोबाइल नंबर 7000170773

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