नीमच। श्री आर. पी. शर्मा, विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति, (अत्याचार निवारण) अधिनियम, नीमच द्वारा एक आरोपी को 16 वर्षीय नाबालिग अनुसूचित जनजाति की पीड़िता का बहला-फुसलाकर अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप का दोषी पाकर कुल 15 वर्ष के सश्रम कारावास एवं कुल 3,500रू. के जुर्माने से दण्डित किया।

जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 03 वर्ष पुरानी होकर दिनांक 01.03.2016 ग्राम झांझरवाड़ा की हैं। पीड़िता अनुसूचित जनजाति की सदस्य हैं। घटना दिनांक को पीड़िता का पिता और पुत्र रिश्तेदारी में दुसरे गांव गये हुए थे तब रात के 8 बजे पीड़िता की माता ने मोबाईल से उसके पुत्र को सूचना दी कि पीड़िता शाम 7 बजे से घर पर नही है, उसकी गांव में आस-पास और रिश्तेदारी में तलाश की परंतु वह नही मिली, उसको शंका हैं कि उसकी पुत्री को कोई व्यक्ति बहला-फुसलाकर कही ले गया है। घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना बघाना पर दर्ज की गई जिसे अपराध क्रमांक 51/16, धारा 363 भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस बघाना द्वारा दिनांक 10.04.2016 को पीड़िता को हनुमान नगर, जिला आगरा (उत्तरप्रदेश) से बरामद किया गया। पीड़िता द्वारा पुलिस को बताया गया कि आरोपी ने घटना दिनांक को जब वह घर के बाहर बैठी थी बहला-फुसलाकर शादी का वादा करके नीमच रेलवे स्टेशन ले गया था वहॉ से वह उसे कोटा होते हुए जयपुर ले गया था जयपुर से वह उसको पैदल-पैदल कैलादेवी मंदिर ले गया था। इस बीच 10-15 दिन आस-पास के खेतो में उसने उसको रखा था जहॉ आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। पीड़िता द्वारा बताया गया कि वह अवयस्क हैं तथा उक्त घटना के आधार पर बघाना पुलिस द्वारा आरोपी के विरूद्ध धारा 366, 376 भादवि तथा धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट का ईजाफा किया। विवेचना के दौरान पुलिस बघाना द्वारा पीड़िता का मेडिकल कराकर, उसके उम्र संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर शेष विवेचना पूर्ण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया।श्री के. पी. एस. झाला, विशेष लोक अभियोजक द्वारा अभियोजन की ओर से 16 वर्षीय नाबालिग पीड़िता, उसके पिता, पीडिता को नाबालिक प्रमाणित करने के लिए स्कॉलर रजिस्टर प्रस्तुत करने वाले प्रधान अध्यापक सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर आरोपी के विरूद्ध अव्यस्क बालिका को बहला-फुसलाकर अपहरण करके उसके साथ दुष्कर्म करने के अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराकर दण्ड के प्रश्न पर तर्क रखा गया कि आरोपी द्वारा 16 वर्षीय पीडिता को शादी का झांसा देकर भगाकर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया हैं, इसलिए अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाये। *श्री आर. पी. शर्मा, विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति, (अत्याचार निवारण) अधिनियम, नीमच* द्वारा आरोपी मंगलसिंह पिता रमेशचंद्र काछी, उम्र-22 वर्ष, निवासी-ग्राम-झांझरवाड़ा, जिला नीमच को धारा 363 भादवि में 02 वर्ष का सश्रम कारावास व 250रू. जुर्माना, धारा 366 भादवि में 03 वर्ष का सश्रम कारावास व 250रू. जुर्माना तथा धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट में 10 वर्ष के सश्रम कारावास व 3,000रू. जुर्माना, इस प्रकार आरोपी को कुल 15 वर्ष के सश्रम कारावास व 3,500रू. जुर्माने से दण्डित किया गया, साथ ही पीडिता को 3000रू. प्रतिकर प्रदान करने का आदेश भी दिया। *न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री के. पी. एस. झाला, विशेष लोक अभियोजक द्वारा की गई।* कोर्ट मोहर्रिर प्रधान आरक्षक दिनेश गुर्जर द्वारा सक्रिय सहयोग किया गया।

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