अहमदाबाद. म्युनिसिपल कार्पोरेशन ने जनभागीदारी से साबरमती नदी की सफाई का महाभियान शुरू किया। यह काम रविवार को समाप्त हुआ। 5 दिनों तक चले इस महाभियान में 60 हजार लोगों ने अपनी सेवाएं दी। इस दौरान नदी से 500 टन कचरा निकाला गया। 
ब्रिज के दोनों किनारों पर सीसीटीवी
इस अभियान के बाद अब नदी को जोड़ने वाले ब्रिज के दोनों किनारों पर तीन-तीन सीसीटीवी कैमरे लगाकर नदी में कचरा फेंकने वाले को पकड़ा जाएगा और उससे दंड के रूप में मोटी राशि वसूल की जाएगी। इसके अलावा नदी में पूजा-पाठ की कोई भी सामग्री फेंकने वाले से कम से कम 200 रुपए और अधिक से अधिक 500 रुपए का दंड वसूला जाएगा। इसी तरह बल्क में कचरा डालने वालों को 50 हजार से 1 लाख रुपए का दंड वसूला जाएगा।
20% कचरा प्लास्टिक
नदी के आसपास सीसीटीवी कैमरे के अलावा ज्वाइंट एंफोर्समेंट(जेट) की टीम को तैनात किया जाएगा। किसी भी हालत में नदी में कचरा फेंकने वाले को छोड़ा नहीं जाएगा। पूजा की सामग्री डालने के लिए नदी के पास ही ऐसे स्पॉट बनाए जाएंगे, जहां इस तरह का कचरा डाला जा सके। उल्लेखनीय है कि नदी से निकाले गए 500 टन कचरे में 325 टन चूनरी, पूजा के कपड़े, नारियल और भगवान की तस्वीरें थीं। 20 टन कचरा प्लास्टिक का था। इसके अलावा 10 टन लकड़ी कचरे के रूप में थी।
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