हैदराबाद. बात 2018 की है। तेलंगाना के जोगुलांबा गडवाल जिले में लोगों ने शाम के समय घर से बाहर निकलना पूरी तरह बंद कर दिया था। स्थानीय पुलिस प्रमुख रेमा राजेश्वरी ने जांच करवाई तो पता चला कि लाेगों को रोज व्हाट्सएप मैसेज मिल रहे हैं कि गांव में ‘बच्चा चोर आ रहे हैं। वह घरों में पत्थर मारेंगे। अपने बच्चों को घर के बाहर मत जाने देना।’ तफ्तीश में पता चला कि यह फेक न्यूज है।
इसके बाद रेमा ने गांव के लोगाेें को जागरूक करने का अपना अभियान शुरू कर दिया। वर्ष 2009 बैच की आईपीएस अधिकारी रेमा राजेश्वरी ने करीब 500 पुलिस अधिकािरयों को फेक न्यूज से लड़ने की ट्रेनिंग दी है। वे प्रदेश के 400 गांवों में लोगों को फेक न्यूज से सावधान रहने का अभियान चला रही हैं।
अभियान की खास बात यह है कि वे गांव वालों को उनकी ही भाषा में और उनके बीच जाकर समझाती हैं। सबसे पहले वे गांव के व्हाट्सएप ग्रुप से पुलिस विभाग के लोगों को जुड़वाती हैं, ताकि वे ग्रुप पर आने वाले मैसेज पर नजर रख सकें। जैसे ही कोई फेक मैसेज आता है, ग्रुप में शामिल पुलिसकर्मी एडमिन को आगाह कर मैसेज डिलीट करा देता है।
राजेश्वरी ने गांवों के लोक गायकों को भी अपने साथ जोड़ा है। ये गायक नुक्कड़ नाटक और गा-बजाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। राजेश्वरी खुद लोगों के बीच जाकर सभाएं कर रही हैं। वे लोगों को बताती हैं कि कैसे अफवाहों की पहचान करें और कैसे उनसे बचें।
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