Kkkन्यूज कटनी- महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों को आदर्श केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। आदर्श आंगनवाड़ी केंद्रों का उद्देश्य केंद्रों में बाल मित्र अधोसंरचना का विकास, प्ले स्कूल मोड पर केंद्र संचालन और प्री स्कूल गतिविधियों का क्रियान्वयन करना है। इसी कड़ी में विभागीय अधिकारियों द्वारा जनसहयोग से कटनी शहर के आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 155 और 218 को आदर्श केंद्रों के रूप में विकसित किया गया है। 

इन प्रयासों के फलस्वरूप इन आंगनवाड़ी केंद्रों को आईएसओ प्रमाणीकरण 9001ः2015 प्राप्त हुआ है। इन आगनबाड़ी केंद्रों में बाल सुलभ अधोसंरचना विकास हेतु दीवारों पर बाल मित्र और ज्ञानवर्धक, वर्णमाला, अंक और कहानियों को जीवंत किया गया है। शौचालय, हैंडवाश यूनिट और न्यूट्री कार्नर की स्थापना की गई है। साथ ही विद्युत् उपलब्धता हेतु बिजली कनेक्शन के साथ सोलर पैनल की व्यवस्था भी की गई है। केंद्र क्रमांक 218 में बच्चों को खेलों से जोड़ने रचनात्मक प्ले एरिया बनाया गया है। 

परन्तु इन केंद्रों की मुख्य विशेषता है, बालकों को प्री स्कूल गतिविधियों से जोड़ना और उनमें खाने से पूर्व हाथ धोना, व्यक्तिगत स्वछता आदि जैसी अच्छी आदतों की नीव डालना। इन सकारात्मक परिवर्तनों से जहाँ केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि हुई है, वहीं अभिभावकों द्वारा भी आंगनवाड़ी केंद्रों में इन सकारात्मक परिवर्तनों की प्रशंसा की गई है। गत दिनों महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रारम्भ किये गए आंगनवाड़ी केंद्रों में खिलौने भेट करने के अभियान प्रोजेक्ट मुस्कान को भी सफलता प्राप्त हुई है। साथ ही विभाग द्वारा इस अभियान को गति देते हुए 63 आंगनवाड़ी केंद्रों को आदर्श केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास प्रारम्भ कर दिया है। आदर्श केंद्रों के विकास में श्री नयन सिंह जिला कार्यक्रम अधिकारी कटनी का नेतृत्व और सुश्री वनश्री कुर्वेती महिला सशक्तिकरण अधिकारी, श्री रत्नेश्वर त्रिपाठी पोषण विशेषयज्ञ, श्रीमती मीना बड़कुल, सुश्री आरती यादव परियोजना अधिकारी, श्रीमती मधुबाला तिवारी, ज्ञान तिवारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, श्रीमती माला बैन, श्रीमती सुनीता आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सुश्री किरण सिंह ईसीसीई समन्वयक का योगदान रहा है।

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