आवारा पशुओं को शहर से बाहर करने के लिये बनायें शहर स्पेसिफिक योजना
---------------------
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने की नगर निगमों की समीक्षा
----------------------
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा है कि  आवारा पशुओं को शहर से बाहर करने के लिये शहर स्पेसिफिक योजना बनायें। इसके लिये अलग हटकर सोचें, लेकिन करें जरूर। गौ-शाला बनाने सहित अन्य उपायों के बारे में स्थानीय स्तर पर चर्चा करें। उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं में सुअर और कुत्ते भी शामिल हैं।

डस्ट-फ्री शहर बनायें

मंत्री श्री सिंह ने कहा कि शहरों को डस्ट-फ्री बनायें। शहर की सभी सड़कों के दोनों ओर पेबिंग ब्लॉक लगवायें अथवा सीमेंट-कांक्रीट करवायें। उन्होंने कहा कि शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर शासकीय जमीनों को चिन्हित करें और वहाँ कॉमर्शियल/रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट बनायें।

पाइप लाइन डालने के बाद तुरंत रोड ठीक करायें

मंत्री श्री सिंह ने अमृत योजना में चल रहे कार्यों की धीमी गति पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समय-सीमा में कार्य पूरा करवाने की जिम्मेदारी नगर निगम कमिश्नर की है। इस कार्य में लगे स्टॉफ को प्रशिक्षण भी दिलवायें। श्री सिंह ने कहा कि सीवरेज और पेयजल परियोजनाओं को समय पर पूरा करें, जिससे रहवासियों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पाइप लाइन डालने के बाद वहाँ की रोड जल्द ठीक करवायें।

शहर में बारह महीने प्रतिदिन पानी मिले

श्री सिंह ने कहा कि सभी नगर निगमों में बारह महीने प्रतिदिन पानी की सप्लाई के लिये विस्तृत रिपोर्ट बनायें। ऐसे जल-स्रोत ढूँढें, जहाँ से नियमित सप्लाई हो सके। फ्लो मेजरिंग डिवाइस और टंकियों में स्काडा लगवायें। उन्होंने कहा कि पानी के लिये मीटर लगवायें और मीटर रीडिंग के आधार पर बिलिंग करें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने कहा कि कचरा कलेक्शन की प्रक्रिया की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में प्रदेश के शहरों की रेंकिंग बढ़नी चाहिये। जल-भराव क्षेत्र की पहचान कर वहाँ अभी से समुचित प्रबंध करें। बरसात में पौध-रोपण करवायें। श्री सिंह ने सूत्र सेवा की बसें जल्द शुरू करवाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसके लिये ऑपरेटरों से बात करें।

प्रमुख सचिव श्री संजय दुबे ने कहा कि नगरों में सुधार की बहुत गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि राजस्व की वसूली तत्परता से करें। निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार वसूली होने पर ही सेंट्रल और स्टेट फण्ड मिलेगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम कमिश्नर स्वयं महत्वपूर्ण कार्यों की निगरानी करें। बैठक में आयुक्त नगरीय विकास श्री पी. नरहरि और नगर निगमों के कमिश्नर उपस्थित थे।


Share To:

Post A Comment: