धर्मगनगरी चित्रकूट के तपसी मुरैना आश्रम में एक मंदबुद्धि बालक से आश्रम के बाबा द्वारा कुकर्म करने पर आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

यह सजा अदालत ने भादवि की धारा 377 के तहत अपराध घोषित होने पर दी है। अपर सत्र न्यायालय सतना के पीआरओ फखरूद्दीन ने बताया कि सतना जिला क्षेत्र के एक गांव निवासी बालक 7 जून 2017 को सुबह 9 बजे घर से बाजार गया था। वहां से रास्ते में तपसी मुरैना वाले बाबा रामकीर्तनदास त्यागी के आश्रम चला गया।

बालक से कुकर्म में साधु को आजीवन कारावास

घर वापस नहीं आने पर छोटा भाई ढूंढते हुए आश्रम गया और वहां मौजूद अपने भाई को बुलाकर घर ले आया। पीड़ित बालक ने घर आकर अपनी मां को बताया कि बाबा ने उसके साथ गलत काम किया है। जिससे उसे दर्द हो रहा है। पिता के घर लौटने पर घटना की रिपोर्ट नया गांव थाने में दर्ज कराई गई।  

पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के बाद आरोपी को सत्र न्यायालय में पेश किया। गुरुवार को अदालत ने अपराध साबित होने पर आरोपी बाबा रामकीर्तन दास त्यागी उर्फ गुरु विजय दास त्यागी (72), निवासी जहांगीराबाद बैंक कॉलोनी भोपाल को उम्र कैद और पांच हजार जुर्माने की सजा से दंडित किया है। अदालत ने जुर्माना पीड़ित को दिए जाने का आदेश दिया है। मामले में अभियोजन की ओर से डीपीओ रामपाल सिंह ने पक्ष रखा।
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