आधार को वोटर आईडी से लिंक कर फर्जी वोटिंग पर लगाई जा सकती है लगाम


चुनाव आयोग 12 अंकों के बायोमैट्रिक नंबर को वोटर आईडी से जोड़ने के पक्ष में है और आयोग ने इसी मामले पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की राय मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज विक्रमजीत सेन ने चुनाव आयोग को सुझाव दिया है कि आधार को वोटर आईडी से लिंक करना आवश्यक है ताकि असामाजिक तत्वों द्वारा एक से अधिक बार वोटिंग (फर्जी वोटिंग) पर लगाम लगाई जा सके।

रिटायर्ड जज विक्रमजीत सेन ने बताया कि यूनिक वोटर आईडी और आधार को लिंक करने से एक शख्स को दो बार वोट करने से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगले चुनाव में आधार को वोटर आईडी से लिंक करना अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि इस प्रकार की अवैध वोटिंग पर लगाम लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि चुनाव की प्रक्रिया को निष्पक्ष और मजबूत बनाने के लिए ऐसा करना आवश्यक है।

पिछले साल, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि आधार केवल पैन कार्ड, आयकर रिटर्न दाखिल करने और कल्याणकारी योजनाओं के लिए अनिवार्य किया जा सकता है। इसके बाद चुनाव आयोग ने 12-अंकों के बायोमेट्रिक नंबर के साथ मतदाता पहचान पत्र को अनिवार्य रूप से जोड़ने के लिए जोर देना शुरू किया।
Share To:

Post A Comment: