रेत के अवैध कारोबार में सिपाही रोजाना बसूल रहा माफियाओं से हजारों रुपये

छतरपुर। समूचे बुंदेलखंड में अवैध रेत का काला कारोबार लंबे अरसे से बदस्तूर जारी है। जिसमें पुलिस के आला अधिकारियों से लेकर सत्ता धारी दल के राजनेता एवं पूरा प्रशासनिक तंत्र शामिल है। कार्यवाही के नाम पर अवैध रेत उत्खन्न को रोकने के लिए खानापूर्ति कर अपने दायित्वों की इतिश्री कर ली जाती है। रेत के काले कारोबार में नदियां सिकुड़ चुकी है व कई बड़ी अपराधिक घटनाएं घट चुकी है। रेत माफिओं के सामने पूरा प्रशासनिक महकमा अपने आप को बोना साबित करने में जुटा है। लवकुशनगर अनुविभाग के गौरिहार थाना क्षेत्र अंतर्गत पहरा चौकी में पदस्थ आरक्षक 255 संदीप सिंह तोमर पुलिस के कर्तव्यों की ड्यूटी न कर रेत माफियों के साथ शामिल होकर करीब एक वर्ष से लाखों रुपये अवैध रूप से बसूल रहा है। आरक्षक संदीप सिंह तोमर पुलिस के बड़े अधिकारी से संबंधों की धौस दिखाकर सीनियर पुलिस वालों पर भी रौब झाड़ता है। चौकी में पदस्थ एएसआई जानकी प्रसाद पटेल के साथ पूर्व में हाथापाई तक कर चुका है। अनुशासनहीनता की धज्जियां उड़ाकर खुद को थानेदार समझता है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार पडवार, परेई, बरूआ, मुबईघाट एवं एक दर्जन से अधिक स्थानों से अवैध बालू का व्यापार कर रहें लोगों से मिलकर रोजाना सैकड़ों ट्रक लोड करवाकर चौकी क्षेत्र से बाहर निकलवाता है। निकलवाने के एवज में प्रति ट्रक हजार रुपये बसूल रहा है। एक वर्ष में लगभग एक करोड़ से भी अधिक रुपये रेत के काले कारोबार में कमा लिए है। जिसकी शिकायत ग्रामीणों के द्वारा पुलिस के आलाधिकारियों की जाएगी एवं संपत्ति की भी जांच करने के लिए आवेदन सौंपा जाएगा।  

जप्त डंप की बेचता है रेत - लोगों ने बताया कि कार्यवाही के दौरान जो रेत जप्त की जाती है बाद में इसी रेत को चोरी छिपे यह ट्रकों में लोड करवा देता है। जिसके एवज में मोटी रकम ऐठता है। 

इनका कहना :-

यदि इस तरह की गतिविधि में आरक्षक शामिल पाया जाता है तो जांच उपरांत कड़ी कार्यवाही की जाएगी। 

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

जय राज कुबेर 

छतरपुर

Share To:

Post A Comment: