वसूली की कमाई को लेकर दो पक्षों में जमकर तनातनी का माहौल।
मामला उच्चाधिकारियों के सज्ञान में आने के बाद मंदिर परिसर बना छावनी।
मल्लावां हरदोई।। 
प्राचीन मंदिर सुनासीर मेले व भूमि से होने वाली आय को लेकर अखाड़ा बन गया। मंदिर की देखरेख व विकास कार्य कराती आ रही समिति पर ग्राम प्रधान ने शिकंजा कस दिया। अधिपत्य को लेकर ग्रामीणों के साथ महिला प्रधान धरने पर बैठ गई है। उधर मामले की ख़बर जब प्रशासन को हुई तो माहौल को काबू करने के लिए पुलिसबल तैनात कर दिया गया है।
विकास खंड के ग्राम सुनासी में सैकड़ो वर्ष पुराना भगवान शिव मंदिर स्थित है। लोंगों की आस्था व प्राचीन धरोहर को लेकर मंदिर की देखरेख के लिए समिति का गठन किया गया। श्रावण माह में प्रति वर्ष लगने वाले भव्य मेले में लगने वाली दुकाने, साइकिल व बाइक,कार स्टैंड सहित मंदिर में चढ़ावा,दान लगातार आमदनी बढ़ती गई। उसी हिसाब से मंदिर की भव्यता भी बढ़ती गई। अचानक गांव की प्रधान रामखुशी  ने समिति पर आरोप लगाया कि समिति के सदस्य मनमाने तरीके से अपने चेहतों को भूमि का आवंटन दुकान लगाने के लिए कर देते हैं। जिसके ग्राम वासियों को लाभ नही मिल पाता है। प्रधान ने थाने में तहरीर देकर बिना अनुमति के ग्राम पंचायत की भूमि पर कोई कार्यक्रम न कराए जाने की बात कही। उनकी मांग है कि चबूतरा,झूला,साईकिल स्टैंड की जमीन का आवंटन ग्राम पंचायत के द्वारा किया जाए। जब तक ग्रामीणों की मांग पूरी नही की जाती है तब तक अनवरत धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। धरना में बैठे रामसागर, बबलू,ब्रजलाल, सनोज, रामभजन, नन्हे, रामौतार, प्रकाश, देवीचरन, सर्वेश कुमार, सरोज पाल, जयपाल, परशुराम यादव,श्रवण कुमार आदि डटे हुए हैं।
इनसेट- सैकड़ो वर्ष पुराने मंदिर की व्यवस्था चुस्त दुरुस्त चल रही थी अचानक समिति व ग्राम प्रधान के बीच तनातनी से मंदिर की आस्था के बजाय लोग मेले की आय पर आधिपत्य को बजह मान रहे हैं। 
जानकर लोग बताते हैं कि भगवान शिव के मंदिर पर सैकड़ो वर्ष पहले औरंगजेब की सेना ने हमला कर नष्ट करने की कोशिश की थी। यहां तक कि मंदिर में स्थापित प्राचीन शिवलिङ्ग को आरे से काटने की कोशिश की थी। उसी समय कटखनी ततैया,बर्रायिओं ने सेना पर हमला कर उनके मंसूबे फेल कर दिए।अब उसी मंदिर पर दो पक्षो के बीच तनातनी किस करवट बैठती है यह आगे देखने लायक होगी।




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