चित्रकूट-  जिला मुख्यालय से महज 12किलोमीटर दूर मानिकपुर तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत  ऐचवारा में वाल्मीकि नदी के किनारे झरना आश्रम के नाम से जाने जाने वाला आश्रम में गौशाला के तड़पते जानवर रोडो़ में देखे जा सकते  इस आश्रम को लोग शोभन आश्रम के नाम से भी जानते हैं जिस का संचालन ओम बाबा करते हैं इनका उपनाम  उघारी बाबा है ग्रामीणों के अनुसार गौशाला का पैसा खूब बंदरबांट किया जा रहा ग्रामीणों ने यहां तक बताया कि जब गौशाला खुला था तो पशुओं की संख्या ढाई सौ से 300 पार करती थी मगर आज स्थितियां यहा है कि    गायों की संख्या बहुत कम बची हुई है जब कोई अधिकारी आता है तो सारे गांव की गायों को इकट्ठा करके गिनती कराई जाती है मगर जब अधिकारी चला जाता है तो उन्हीं गाड़ियों को छोड़ दिया जाता है और गौ माता तड़प तड़प कर अपनी जान देने को मजबूर  होती है । उदाहरण के लिए इस वीडियो को वीडियो देखिऐ और समझिऐ की कितनी गौ सेवा हो रही है इस आश्रम पर लोगों के बीच जंन जुबानी में चर्चा सुनने को मिली है की जो भी गौशाला का पैसा आता है उसका बंदरबांट कर लिया जाता है जानवर चारा पानी के लिए मोहताज रहता है और लास्ट में अपने प्राण त्याग देते हैं आपको बताते चलें कि ऐचवारा में गौ शाला का निर्माण कार्य मानक विहीन हो रहा है जिसमे तत्कालीन डीएम  चित्रकूट ने ठेके दार को काफी लताड़ लगाई थी और ठेकेदार ने आश्वासन दिया था कि अब अच्छे  से कार्य कर आऊंगा मगर जिलाधिकारी के जाने के बाद पुनः 
भैंस के आगे बीन बजाए भैंस  बैठे पगुराय
वाली कहावत चरितार्थ हो रही है देखना यह होगा कि क्या तहसील प्रशासन या जिला प्रशासन इस गौशाला की ओर ध्यान देंगे या तड़पते हुए जानवरों की जान जाएगी यह तो जांच का प्रकरण है जांच के बाद पता चलेगा की क्या  कार्यवाही  हो रही  है।

जिलारिपोटर-विवेक कुमार श्रीवास्तव
कलयुग की कलम राष्ट्रीय समाचार पत्रिका एवं वेब न्यूज चैनल
जनपद-चित्रकूट
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