चित्रकूट- कई साल पहले से कृषि विभाग में पंजीकृत किसानों को भी विभागीय कामचोर कार्यशैली  के कारण आज तक नहीं मिल सका लाभ। यदि पंजीकृत कृषि विभाग में किसानों की मानें तो उनका कहना है कि विभाग द्वारा हमारा रजिस्ट्रेशन तो किया गया । परंतु सही जानकारी और सही विवरण ना फीडिंग करने की वजह से पात्रता सूची में आने के बाद भी  हमको किसान सम्मान निधि से अपात्र कर दिया गया।  परंतु गलत डाटा फीड होने की वजह के कारण हम लोगों को प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ नहीं मिल सका। लेकिन जिम्मेदार कार्यालय में बैठे कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा आज तक उसमें संशोधन करना अपनी जिम्मेदारी नहीं समझी गई ।जबकि क्षेत्रीय लेखपालों का कहना है । हमारे द्वारा कृषि विभाग  को सारी जानकारियां समय से उपलब्ध करा दी गई है ।परंतु विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण ही पात्र व्यक्तियों को संबंधित योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया इसमें हमारी किसी प्रकार की कोई जिम्मेदारी नहीं है। वहीं अब किसानों को  अपने कृषि पंजीयन  को संशोधित कराने  के  लिए  कृषि विभाग के दफ्तरों का बार बार चक्कर काटना पड़ रहा है।  कृषि के अधिकारियों  द्वारा ये कह कर किसानों को चलता कर दिया जा रहा है । कि अभी कृषि विभाग की वेबसाइट बंद है इसकी वजह से किसी प्रकार का कोई संशोधन नहीं किया जा सकता।  वहीं अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों की मनमानी के कारण किसानों के साथ कब तक ऐसे व्यवहार किए जाते रहेंगे । अपना हक पाने के लिके किसान कब तक भटकता रहेगा । या फिर केंद्र सरकार की दोगुना किसानों की आय बढ़ाने के सपने नाकाम होते रहेंगे

मंडल ब्यूरोरिपोर्ट-अश्विनी कुमार श्रीवास्तव
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जनपद-चित्रकूट
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