जो सारी  सृष्टि का रचयिता है! जिसने सारी इंसानियत को बनाया है। और सारे ब्रह्मांड को अपने मंशा अनुसार मानव जीवन के अनुकूल बनाया है। जिसकी हवा पानी धरती आसमान चांद तारे सैयारे सूरज की किरणें और फलदार वृक्ष धरती से उगने वाले मानव के उपयोग के लिए आहार और उसके द्वारा बनाए हुए मानव जीवन के लिए उपयोगी पशु जीव जंतु जल नदी झील झरने सबके लिए एक समान बह रहे हैं।और सभी उसका उपयोग कर रहे हैं।

उसने पूरी प्रकृति को मानव जीवन के अनुकूल बनाया है। वह किसी समाज धर्म को देख कर उससे भेदभाव नहीं करता अगर ईश्वर/ अल्लाह /गॉड /वाहेगुरू / जाति धर्म को देखकर धरती से और प्रकृति की चीजों से वंचित करता  तो इस मानव जीवन का क्या बनता है।


 वह निरंकार ईश्वर अपने बनाए हुए सभी जन मानस को अपना मानता है और वह सभी की चिंता करता है वह मुसलमानों को भी उसकी उपयोगी चीजें उसे प्रदान करता है ।
हवा पानी अन्न उसे खेती किसानी व्यापार हर जगह सफल करता है।
 और वही हिंदू भाइयों को भी यह सब चीजें प्रदान करता है जिससे उनका जीवन चल रहा है।
 इसी प्रकार  गॉड को मानने वाले और वाहेगुरु को मानने वाले सभी को अपना मानते हुए सब की आवश्यकताओं की पूर्ति करता है।

मित्रों सोचनीय विषय है अगर वह ईश्वर अल्लाह गॉड भेदभाव करना प्रारंभ कर दें तो हम एक घूंट पानी के लिए भी तरस जायेंगे।
 और जो उपयोगी चीजें ईश्वर ने आम कर रखी हैं ।उसे रोक दें तो क्या बने वह ऑक्सीजन और और पानी  सूरज की किरणें चांद की रोशनी सब में भेदभाव होने लगे


 फिर तो गजब हो जाएगा बारिश हिंदू भाइयों के खेत में बरसेगी या फिर मुसलमानों के ईसाईयों के बरसेगी या फिर सिखों के 


खेतों में खुद रहे टियुवेल से पानी मुस्लिमों के निकलेगा या फिर हिंदुओं के सिखों के या इसाईयो के 

 खेतों से उपज रहे आहार हिंदुओं के खेत से उपजें गे या मुसलमानों के ईसाईयों के या  सिखों के


 जब वह निरंकार ईश्वर अल्लाह भेदभाव नहीं करता वह अपने मानने वालों को हर हाल में उसके जीने का सामान रोजी दे रहा है।

 वह कदम कदम पर उन्हें राहत चैन सुकून दे रहा है ।

तो हम कौन होते हैं उसे धर्म अधर्म में बांटने वाले ?


वो  ईद और दिवाली एक साथ भेजता है । वो मोहर्रम और दशहरा एक साथ भेजता है ताकि वह देख सके कि मेरे बनाए हुए जन मानस कैसे प्रेम और सद्भाव से अपने-अपने त्योहार को मनाते हैं।


उसे राम और रहीम गॉड और वाहेगुरु मैं मत बांटो वह एक है निरंकार है जिसे तुम्हारी आवश्यकता नहीं तुम्हें उसकी आवश्यकता है वह बहुत बड़ा दयालु और बलवान है वह तुम्हारी सोच बहनों गुमान से भी बढ़ा है जिसे समझाया बताया समाहित नहीं किया जा सकता उसे महसूस किया जा सकता है और उसकी बनाई हुई चीजों को देखकर उसकी ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता जब उसके बनाई हुए
असर्फुल मखलूक इनसान को कोई व्यक्ति सताता है तो उसे तकलीफ होती है।


 एकता सबसे बड़ी ताकत है। मेरा देश आगे बढ़ेगा तरक्की करेगा एकता और अखंडता से एकता को बनाए रखें और एकता बनाने के लिए हर संभव  कोशिश करते रहें यह हमारे देश के लिए सबसे बड़ा विकास है ।

 जय हिंद

        लेखक
 अब्दुल कादिर खान
   कलयुग की कलम 
 मोबाइल नंबर 97536 87489
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