पिता ने अफसर पर उठाया था जूता, बेटे ने बल्ला

इंदौर। भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की राजनीति हमेशा विपक्ष में रहते हुए चमकी है और अब बेटा आकाश विजयवर्गीय भी उनके नक्शेकदम पर है। 20 साल पहले पंचम की फैल में पानी की समस्या को लेकर कैलाश विजयवर्गीय बस्तीवासियों के साथ निगमायुक्त निवास पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। उन्होंने एक पैर का जूता अपने हाथ में ले लिया था और अफसरों से उसी अंदाज में बात करने पहुंचे थे। बाद में पुलिस उन्हें टांगाटोली कर थाने ले गई थी। आकाश ने अफसरों पर बल्ला उठाकर अपने पिता की राजनीतिक कार्यशैली की याद ताजा कर दी। आकाश जब राजनीति में उतरे तो उनके हिस्से राजनीतिक किस्से कम ही थे। उन्होंने पिता के पुराने विधानसभा क्षेत्र महू का काम देखा। तब ब्रिज को लेकर उन्होंने महू में बड़ा प्रदर्शन किया था और रेल रोकने के मामले में आकाश पर प्रकरण दर्ज हुआ था। विधायक बनने के बाद उनके आक्रामक तेवर कभी बातों में भी नहीं झलके, लेकिन अचानक अफसरों पर बल्ला उठाकर उन्होंने राजनीतिक मैदान में 'गेमचेंज' का संदेश दिया है।

राजनीतिक मायने

इस साल नगर निगम चुनाव है और महापौर पद के लिए अभी कोई दावेदारी नहीं कर रहा है। हो सकता है कि इस 'बल्ला कांड' के बाद दो नंबर खेमे से महापौर पद के लिए दावेदारी पेश हो।

-प्रदेश में सरकार बदलने के बाद निगम अफसरों का रवैया भी भाजपा नेताओं के साथ बदल गया है। बल्ला कांड के बाद अब दो नंबर खेमा अफसरों पर राजनीतिक दबाव बनाकर काम करवा सकेगा।-विधायक आकाश विजयवर्गीय ने इस कांड को अंजाम देकर अपनी राजनीतिक छवि बदलने की कोशिश की है। कई बार आकाश अफसरों के विनम्रता से मिलते देखे जाते थे। उनके राजनीतिक करियर को उठाने में उनके पिता कैलाश विजयवर्गीय ने मेहनत की। आकाश भी इस मौके की तलाश में थे कि अब वे पिता के बगैर कोई 'कमाल' दिखाएं।


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