*विंध्य के इस अस्पताल में मिली अफ्रीकन प्रजाति की सिवेट कैट*


रीवा। विन्ध्य क्षेत्र के सबसे बड़े 14 सौ बेड के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय के ऑपरेशन थिएटर में उस समय हडकंप मच गया जब अफ्रीकन प्रजाति का सिवेट कैट अर्थात कबर बिज्जू  देखा गया। जिसकी जानकारी तुरंत अस्पताल अधीक्षक को दी गई । सिवेट कैट दुर्लभ प्रजाति की बिल्ली है यह ज्यादातर उत्तरी एशिया और अफ्रीका के मूल निवासी स्तनधारी है।
गुरुवार की सुबह रीवा के संजय गांधी इसमें चिकित्सालय के ऑपरेशन थिएटर में उस समय हड़कंप मच गया जब ऑपरेशन थिएटर के ऊपर दुर्लभ प्रजाति की बिल्ली देखी गई। डाक्टरों ने संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक को तत्काल इसकी जानकारी दी गई। जिसके बाद वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई। वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन कर सिवेट कैट के दो बच्चों को पकड़ लिया। इस दौरान संजय गांधी अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित रहा। बताया गया है कि जब वहां ऑपरेशन की तैयारी की जा रही थी उसी दौरान एक अजीब तरीके का जानवर अपने दो बच्चों के साथ ओटी में दाखिल हो गया ओटी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया तत्काल ही वन विभाग को सूचना दी गई वन विभाग में बिल्ली के दोनों बच्चों को पकड़ कर अपने कब्जे में ले लिया है अभी और बिल्ली होने की सम्भावना है।
.....ये हाल है श्याम शाह मेडिकल कॉलेज द्वारा संचालित संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय के ओटी का हाल। भले  ही बिल्लियों ने किसी को नुकसान नही पहुचाया हो लेकिन ऑपरेशन थिएटर में विलुप्त जंगली बिल्ली का पाया जाना बड़ा सवाल पैदा करता है। आखिर यह बिल्लियां यहाँ कैसे आई।
*दुनिया की सबसे महंगी कॉफी जिस बिल्ली की मल से बनती है उसे कहते हैं सिवेट कैट*
यह बिल्ली मूलता अफ्रीका महाद्वीप और एशिया महाद्वीप में पाई जाती है। हैरत की बात है यह बिल्ली प्रदेश के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक रीवा के संजय गांधी अस्पताल के सर्व सुविधा युक्त ओटी से पकड़ी गई वैश्विक बाज़ार में सिवेट काफी की कीमत 20-25 हजार रुपये किलो है. ये कॉफी उन बीन्स से बनती है जो कि सीवेट कैट्स पचा नहीं पाती है. ये बीज उसके मल से चुन लिए जाते हैं. इसके बाद उसे धोकर भूना जाता है. सिवेट कॉफी को लुवर्क काफी भी कहते हैं. कॉफी के पकने के चरण में सिवेट बिल्ली कॉफी की चेरी को खाती है जिसका गूदा वह पचा लेती है लेकिन गूदे के अंदर के बीच को वह पचा नहीं पाती है . यह बीन मल त्याग के समय साबूत निकल जाता है
*छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में एक सिवेट कैट को गोली मारना पुलिसकर्मियों को पड़ा था महंगा*
.....जून 2018 में  पुलिसकर्मियों ने सिवेट कैट अर्थात कबर बिज्जू को गोली मारने के बाद उसकी तस्वीरें फेसबुक और दूसरी सोशल साइट में पोस्ट कर दी. फिर क्या था , बवाल मचने में देर नहीं लगा.  वन्यजीव प्रेमियों, पर्यावरणविदों से लेकर वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन से जुडी कई संस्थाओं ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. आखिरकार वन विभाग ने छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9 एवं धारा 51 के तहत मामला दर्ज किया है. यह मामला अदालत में साबित हुआ तो आरोपी बनाए गए पुलिसकर्मियों को दस साल तक की कैद और 25 हजार तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। 
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