शिक्षा, डाईट एवं सर्व शिक्षा अभियान की समीक्षा बैठक

कटनी- कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने कहा कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में शिक्षा की गुणवत्ता छात्रों की नियमित उपस्थिति और बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट सुधार की दिशा में प्रयास करें। शिक्षकों को गुणवत्ता उन्नयन के विभिन्न माध्यमों पर विशेष रुप से प्रशिक्षित करें। बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करें, ताकि प्रतिस्पर्धा की दौड़ में आगे रहें। गुरुवार को कलेक्टर श्री सिंह ने शिक्षा विभाग, डाईट, सर्व शिक्षा अभियान की गतिविधियों, निर्माण कार्यो एवं स्कूल चलें अभियान की समीक्षा की। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी सच्चिदानन्द पाण्डेय, डाईट प्राचार्य बी0बी0 दुबे, एपीसी एन0पी0 दुबे, वयाख्याता डाईट राजेन्द्र असाटी एवं बीईओ, बीआरसी उपस्थित थे।कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि आरएमएसए और राज्य बजट से जिले में निर्मिट हो चुके शाला भवनों को एक सप्ताह के भीतर विभाग को आधिपत्य में सौंपने की कार्यवाही करें, ताकि नया शैक्षणिक सत्रइन भवनों में शुरु किया जा सके। स्कूल चले हम अभियान पूरी गंभीरता से क्रियान्वित करें, ताकि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित नहीं रहे। प्रत्येक विद्यालय में निर्धारित खेल कैलेण्डर के अनुसार कम से कम एक पीरियड निर्धारित कर खेल की गतिविधियां अवश्य चलायें। उन्होने कहा कि नया शैक्षणिक सत्र शुरु होने में अभी सप्ताह भर का समय है। बच्चों को स्कूल से जोड़ने का प्रयास करें। हर स्तर पर अभिभावकों से सम्पर्क कर उन्हें बच्चों को स्कूल भेजने प्रोत्साहित करें। आरटीई के तहत 401 प्राईवेट स्कूलों की निर्धारित 4043 सीटों पर मात्र 2073 बच्चों का ही प्रवेश होने पर कलेक्टर ने अप्रसन्नता जाहिर की। उन्होने कहा कि वंचित वर्ग के बच्चों को आरटीई के तहत सभी सीटों पर प्रवेश दिलाना सुनिश्चित करें।कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिये पूर्व में संचालित भारत निर्माण योजना की कोचिंग की कार्य योजना बनाकर पुनः प्रभावी रुप से संचालित करें। स्काउट और गाईड के छात्रों के माध्यम से पर्यावरण और स्वच्छता की जागरुकता गतिविधियां भी ली जायें। कलेक्टर ने जिला शिक्षा केन्द्र द्वारा वर्ष 2010-11 से 2018-19 तक संचालित निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की तथा निर्माणाधीन 186 कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये।परियोजना अधिकारी पीआईयू ने बताया कि रमसा के तहत 74 स्वीकृत शाला भवनों में से 61 शाला भवन पूर्ण हैं तथा राज्य बजट के 17 स्वीकृत शाला भवनों में 3 निर्माण कार्य पूरे कर लिये गये हैं। इसके अलाव 100 सीटर बालक और 100 सीटर बालिका छात्रावास भवन निर्माण का कार्य उत्कृष्ट विद्यालय माधवनगर में किया जा रहा है। व्याख्याता डाईट राजेन्द्र असाटी ने बताया कि डाईट के दो प्रोजेक्ट शाला सिद्धी और दक्षता उन्नयन के चल रहे हैं।
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