प्रज्ञा ठाकुर ने इस आवेदन में कहा था कि वह सांसद हैं और उन्हें दिन-प्रतिदिन संसद की कार्यवाही में भाग लेना है।
हालांकि, मुंबई की विशेष एनआईए अदालत ने प्रज्ञा ठाकुर को अदालत में उपस्थित होने से आज के लिए छूट दे दी है।
साध्वी प्रज्ञा और छह अन्य आरोपी यूएपीए और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपों का सामना कर रहे हैं। इन पर मालेगांव में एक मस्जिद के पास बम धमाका करने का भी आरोप है। इसमें 6 लोग मारे गए थे और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे।
क्या है मालेगांव मामला?
मालेगांव धमाका करीब 11 साल पुराना मामला है। 29 सितंबर, 2008 को उत्तरी महाराष्ट्र के मालेगांव की मस्जिद के सामने खड़ी एक मोटरसाइकिल में मौजूद विस्फोटकों के कारण बड़ा बम धमाका हुआ था। इस धमाके में छह लोगों की मौत हो गई थी, और लगभग 100 लोग घायल हुए थे। पुलिस के मुताबिक जिस गाड़ी में विस्फोटक रखे हुए थे, वो प्रज्ञा ठाकुर के नाम से रजिस्टर्ड थी।
यहीं से इस धमाके में साध्वी का नाम आया। हालांकि 2017 में मुंबई हाईकोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली थी। अभी इस मामले की जांच मुंबई की विशेष एनआईए कोर्ट के हाथ में है
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