पिता बद्रीप्रसाद ने सब्जियां बेच दोनों बेटों को बनाया डॉक्टर, बड़े बेटे होशंगाबाद में एसएनसीयू प्रभारी, छोटे बेटे सागर में कैंसर विभाग प्रमुख

हरदा के रहटगांव निवासी बद्री प्रसाद पिता मोतीराम गौर (62) ने ने दो एकड़ जमीन में सब्जी उत्पादन किया। सड़क किनारे दुकान लगाकर सब्जी बेचकर दो बेटों को पढ़ाया और डॉक्टर बनाया। बड़ा बेटा सुनील गौर होशंगाबाद जिला अस्पताल में एसएनसीयू प्रभारी है। छोटे बेटे डॉ. सुशील गौर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में कैंसर विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 

सड़क किनारे बेचकर किया जीवन का संघर्ष 

बद्री प्रसाद पिता मोतीराम गौर (62) ने गांव के सतीमाता चौक पर दुकान लगाकर सब्जियां बेची। दो एकड़ जमीन में परिवार का पेट पालना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने सब्जी दुकान के लिए अपने खेत में ही सब्जी का उत्पादन शुरू किया। बच्चों के लिए पिता ने दिन में 14 घंटे तक मेहनत की। पांचवीं पास बद्री प्रसाद के मुताबिक वर्ष 1990 से 2002 तक उन्होंने सब्जी की दुकान लगाई। संघर्ष के दिनों में उन्होंने बच्चों को किसी बात की कमी महसूस नहीं होने दी। बच्चों की पढ़ाई से कोई समझौता नहीं किया। सुबह-शाम दुकान पर सब्जी बेचना। तड़के उठकर गांव के पास स्थित दो एकड़ खेत पर सब्जी की खेती करना। हाड़ तोड़ मेहनत के पीछे बस बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना था।

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