हमारे जिला और क्षेत्रों से दूर-दूर तक मजदूर मजदूरी करने के लिए जाते हैं लंबे समय के लिए बाहर काम करने  मजदूरी करने जाते हैं और कार्य भी बड़ी मेहनत का जाने से पहले उन्हें ले जाने के लिए कोई एक ठेकेदार का व्यक्ति आकर मजदूरों को कन्वेंस करता है।


 और वह मजदूरी करने जाने की  जगह सुविधा और मज़दूरी बताता है ।


वहां किये जाने वाले कार्य जैसे प सेंटरिंग  रेट ईंटा गारा सिलेंप लीफट मीक्चर मशीन चालक लोहा कटिंग इस जैसे बहुत सारे कार्य करते हैं।

लेकिन क्या उन्हें सही मजदूरी मील पाती हैं?

क्या घर से ले जाते समय किए गए वादे के मुताबिक मजदूरी और सुरक्षा मिलती हैं पता चला नहीं मेहज वादे और लालच हाथ लगता  हैं ।

 बहुत सारी घटनाएं भी ऐसी हुई है जिसमें मजदूरों के हाथ पैर टूटने  और  दुर्घटना में मृत्यु भी हुई हैं ।उन्हें किसी भी प्रकार का मुआवजा नहीं मीला।

  जबकि मजदूरों को मजदूरी करने ले जाने के पहले इन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए कि वह
हमें किस जगह  ले कर जा रहा है
 और वहां दुर्घटना बीमारी मैं क्या सुविधाएं मिलेंगी।

 और इस बात का क्या भरोसा है कि वह हमें पूरी मजदूरी  देगा और किसी प्रकार की दुर्घटना क्षती  पहुंचने पर उसके द्वारा बताएं  गई सुविधा हमें मिल पावेगी या नहीं?
 और जैसे कि अभी माननीय संजय सत्येंद्र पाठक जी ने कुछ बंधक मजदूरों को छुड़वाया है कारी तलाई से कुछ मजदूर बाहर काम करने के लिए गये थे और उन्हें बंधक बना लिया गया था जिसे हाल ही में पुलिस के सहयोग से छुड़ाया गया है। 

ऐसी एक घटना जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा  के ग्राम पंचायत दादर सिहुडी की!
  17 मजदूर बंगाल लेकर गए सरसवाही कोटवार के द्वारा ₹108000 मजदूरी का भुगतान बगैर किए 3 महीना कार्य करा कर वापस घर भेज दिया इसके बाद निरंतर मोबाइल बंद रहा सलीमना बाद थाने में सूचना दर्ज कराने पर पता चला  मजदूरों को लेकर बंगाल जाने वाला व्यक्ति सरसवाही निवासी है । और  ग्राम कोटवार भी है ।

पहले तो वह इन मजदूरों की मजदूरी की जिम्मेदारी  से इंकार कर दिया फिर दवाव मैं आके कुबुल किया
ऐसे में मेरे द्वारा स्वयं जाकर उसके घर बातचीत की गई जिसमें उसके और उसके साथी सुपरवाइजर द्वारा  इन सत्तरह मजदूरों को अपनी जिम्मेदारी में ले जाकर बंगाल कार्य कराया गया है लेकिन उनकी पेमेंट अब तक उसके द्वारा नहीं की गई थी इस  पर आपसी बातचीत से मामला सुलझा क उसके द्वारा ₹17000 नगद दिया गया बाकी का पैसा दो 2 महीने की मोहलत पर छोड़ा गया है।
मजदूरों को चाहिए की  वह बाहर मजदूरी करने जाने के पहले जिस व्यक्ति के  के अंडर में काम करने जा रहे हैं। उसकी पूर्णता जानकारी प्राप्त कर लें उसका आधार कार्ड वर्तमान पता और उससे एक छोटा  एग्रीमेंट भी कर लें कि हम इतने से इतने दिन ही कार्य करेंगे मजदूरी की पूर्णता रकम हमें दे दी जावे वहां जाकर अगर किसी प्रकार की समस्या आती है तो तुरंत अपने क्षेत्रीय पदाधिकारी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं 

लगातार मजदूरों के साथ हो रहे अत्याचार की खबर लगती रहती है ।
बड़ी संख्या मैं मजदूर  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा क्षेत्र के जो कि दिल्ली-मुंबई पुना बगांल मजदुरी करने जाते हैं उनके साथ चोरी लूट जैसी घटनाएं हो जाती हैं । और वे किसी वजह से नहीं बताते हैं ऐसी घटनाओं के लिए खुलकर सामने आना चाहिए और अपनी बात  रखना चाहिए और आगे से सतर्क होकर बाहर मजदूरी के लिए पलाईन करें  धन्यवाद जय हिंद 

     विचार लेखक 
अब्दुल कादिर खान
 कलयुग की कलम 
 मोबाईल नम्बर 9753687489
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