सरकारों और सम्बंधित विभाग को किराया निर्धारित कर डिजिटल तरीके से टिकट देने की बनानी चाहिए विवस्था

काफी समय से एक बात सुनने देखने में आ रही है कि जिला स्तर में ग्रामीण क्षेत्रों में जितनी भी बसें चल रही है उनके कर्मचारियों द्वारा  मनमाने तरीके से किराया वसूला जा रहा हैं ! ना कोई पूछने वाला ना कोई टोकने वाला एक तो बसों में भूसा की तरह सवारियां भरी जाती है! ओवरलोड के साथ साथ वसूला जा रहा मनमाना किराया ! ना टिकट की चिंता ना फिकर यात्री ऐसे में सरासर लूटे जा रहे हैं ! यात्रियों की चिंता किसी को नहीं है इन चीजों को लेकर लगातार यात्री   दबीदाड.से विरोध करते आ रहे हैं इतना संवेदनशील मामला और सरकार ने चुप्पी साध रखी है जहां हर चीज डिजिटल हो रही है ?  वहीं बसों में किराया वसूली के लिए बसों में रसीद कट्टा भी उपलब्ध नहीं है उसके साथ ही बसों में ठसा ठस सवारियां भरकर धड़ल्ले के साथ  परिवहन कर रही सवारी गाड़ियां सरकार को चाहिए कि इसके लिए कड़े नियम बनाएं और डिजिटल तरीके से सवारियों से पेमेंट लेकर बाकायदा उन्हें उसकी रसीद भी प्रदाय की जाए ताकि यात्रियों को असुविधा और नाजायज़ पैसा लगने से बचाया जा सके बस के कंडेक्टर से पूछे जाने पर डीजल की महंगाई टैक्स की महंगाई टोल टैक्स एवं अन्य कई कारण बताए जा रहे हैं लेकिन यात्रियों से जो पैसा लिया जा रहा है वह सही है या गलत है| इसके क्या नियम है! अगर यात्रियों को टिकट मिलना शुरू हो जाए और ऑनलाइन टिकट की सुविधा भी मिले तो ग्राहकों को संतुष्टि मिलेगी ! ऐसे में सभी बसों में डिजिटल टिकट की सुविधाएं मुहैया कराई जाएं बस मालिकों की मनमानी बंद हो और यात्रियों को एक बड़ी परेशानी से बचाया जा सके धन्यवाद उम्मीद है मेरे लिए पर विचार होगा और उचित कार्यवाही होगी |जय हिंद 

      लेखक 
अब्दुल कादिर खान
 कलयुग की कलम 
मोबाइल नंबर 97536 87489
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