मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और व्हिसल ब्लोअर प्रशांत पाण्डेय के खिलाफ दर्ज मामले में श्यामला हिल्स पुलिस ने विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह की कोर्ट में शुक्रवार को खात्मा रिपोर्ट पेश की है ।

 27 सिंतबर 2018 को विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह ने व्यापमं मामले में संतोष शर्मा की ओर से पेश परिवाद पत्र पर सुनवाई करते हुए कमलनाथ, ज्योतिरादित्य और दिग्विजय सहित व्हिसल ब्लोअर प्रशांत पांडे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। अदालत ने परिवादी के बयान दर्ज करने के लिए 22 जून की तारीख तय की है।

दिग्विजय सिंह द्वारा जिला अदालत में व्यापमं मामले को लेकर झूठे एवं मनगढ़ंत आरोप लगाने और अदालत में गलत तथ्यों के आधार पर परिवाद पेश किए जाने के आरोप लगाते हुए दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ और प्रशांत पाण्डेय के खिलाफ भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक संतोष शर्मा की ओर से परिवाद पत्र पेश किया गया था । परिवाद में मांग की गई थी कि कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। परिवाद में उल्लेखित किया गया था कि दिग्विजय सिंह की ओर से अदालत में अपने बयान में व्यापमं द्वारा दर्ज किए गए मामले में जांच एजेसिंयों पर जो सवाल उठाए गए हैं वह राजनीति से प्रेरित हैं। दिग्विजय सिंह जिन दस्तावेजों, पेन ड्राइव व हार्ड डिस्क की रिपोर्ट को गलत और फर्जी बता रहे है उनके इस आरोपों को सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व में ही नकार दिया है और एसटीएफ की समस्त जांच रिपोर्ट को सही ठहराया है।

श्यामला हिल्स थाना प्रभारी की ओर से शुक्रवार को अदालत में खात्मा प्रतिवेदन पेश कर बताया कि अदालत के आदेश पर 27 सितंबर 2018 को आवेदक संतोष शर्मा द्वारा दिग्विजय सिंह, प्रशांत पाण्डेय व अन्य के विरुद्ध अपराध दर्ज करने का आवेदन दिया गया था। जिस पर दिग्विजय सिंह, प्रशांत पाण्डेय, कमलनाथ व ज्योतिरादित्य सिंधिया के विरुद्ध विभिन्न् धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण में विवेचना के दौरान फरियादी संतोष शर्मा के बयान दर्ज होने के बाद फरियादी द्वारा तत्समय कोई अन्य दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके अलावा अन्य जानकारियों के साथ पुलिस ने इस मामले में खात्मा प्रतिवेदन अदालत में पेश किया है।
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