फरवरी माह से चल रहे ग्राम पंचायतों में मनरेगा के विकास कार्य| आज दिनांक तक नहीं हुआ भुगतान!

 कार्यो का भुगतान न होने की वजह   से व्यापारी परेशान| जैसे पोल्ट्री फॉर्म निर्माण कार्य बिल्डिंगों का निर्माण कार्य मनरेगा रहित अन्य निर्माण कार्य जोकि पंचायतों द्वारा कन्स्ट्रक्शन सामग्री  लोहा गिट्टी रेट सीमेंट परिवहन इत्यादि दुकानदारों का भुगतान फरवरी माह से नहीं हो रहा है| जिससे दुकानदार बड़ी संख्या में परेशान हाल देखे जा रहे हैं| उनके व्यापार में भी काफी नुकसान हो रहा है| क्योंकि ग्राम पंचायतों में  व्यापारी बंधुओं द्वारा सामग्री दी जाती है हाल ही में सभी जिलों में मनरेगा मटेरियल भुगतान नहीं हुआ है| और सभी व्यापारी लंबा पैसा पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों में लगा हुआ है ऐसे में वेंडर बुरी तरीके से परेशान नजर आ रहे हैं| व्यापारियों के पास सीमित पूंजी होती है जिस पर वह व्यापार करते हैं और सचिव सरपंचों पंचायतों के चल रहे निर्माण कार्यों में वह अपना मैटेरियल देते आ रहे हैं जिसमें से पंचायतों के कार्यों को बड़ा सहयोग मिलता है| और विकास कार्य भी तेजी से होते हैं लेकिन माह फरवरी से वेंडरों की पेमेंट ना मिलने के कारण दुकानदार बड़े स्तर में प्रभावित हो रहे हैं उनका व्यापार ठप सा नजर आ रहा है| सरकार को चाहिए कि चल रहे विकास कार्यों मैं मनरेगा को आगे लेकर चले क्योंकि इससे मजदूरों की अजीविका भी जुड़ी हुई है साथ ही जुड़े हुए हैं क्षेत्रीय बड़े व्यापारी और कुछ छोटे व्यापारी भी पंचायतों में लोहा गिट्टी सीमेंट रेत ईट वगैरा बेचते हैं लेकिन फरवरी माह से सरपंच सचिवों द्वारा  बिल भी अपलोड कर दिये गये खाली पोर्टल ही देख रहे हैं |कुछ समय से तो पोर्टल में भी बिल दिखाई नहीं दे रहे हैं ऐसा कब तक चलेगा? दुकानदार एक तो अपना पैसा इन्वेस्ट कर मैटेरियल लाकर पंचायतों में दें और साथ ही अपने ही पैसे पाने के लिए पंचायतों के चक्कर काटे देखा जाए तो सरपंच सचिवों का भी कोई दोष नहीं है ऊपर से फंड ही नहीं आ रहे हैं तो पेमेंट कैसे हो सरकार को चाहिए कि वह समय सीमा को देखते हुए जल्द से जल्द भुगतान कार्य कराए ताकि आगे चल रहे विकास कार्य प्रभावित ना हो| मुझे उम्मीद है कि मेरे इस लेख को पढ़कर सरकार जल्द से जल्द  भुगतान करावेगी आगे जल्द भुगतान  की प्रक्रिया योजना की रूपरेखा तैयार करेगी धन्यवाद|

        लेखक 
अब्दुल कादिर खान 
कलयुग की कलम
Share To:

Post A Comment: