मुस्कान किरार एवं बाल श्री विजेता बच्चों पर डाक तार विभाग के सहयोग से बाल भवन जारी करेगा विशेष डाक टिकट
जबलपुर, 04 जून, 2019
फिलाटेली अर्थात पुराने टिकटों के संग्रह का काम इतिहास और विरासत को संजोकर रखने जैसा है । विश्व में ऐतिहासिक महत्व की वस्तुओं का संग्रह जैसे कॉइन कलेक्शन कागजी मुद्रा और डाक टिकट का संग्रह करने की रुचि कई लोगों में है । जिनका उपयोग ऐतिहासिक दस्तावेज के रूप में प्रमाणिक तौर पर किया जा सकता है । यह खुशी की बात है कि बाल भवन के साथ मिलकर भारतीय डाक विभाग ने बच्चों को डाक टिकिटों के इतिहास से परिचित कराने का यह महत्वपूर्ण कार्य अपने हाथ में लिया है ।
इस आशय के विचार संभागीय बाल भवन में भारतीय पोस्टल विभाग द्वारा फिलाटेली, भारत एवं विश्व का पोस्टल इतिहास, सामान्य एवं विशेष डाक टिकिटों की जानकारी हेतु आज आयोजित एक कार्यक्रम में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ धीरेन्द्र पाठक ने व्यक्त किये । कार्यक्रम की महत्व को रेखांकित करते हुए मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव पोस्टल डिपार्टमेंट ऑफ इंडिया श्री यूनुस अदीब ने डाक टिकट संग्रह की एवं डाक विभाग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर विस्तार से जानकारी बाल भवन के बच्चों को दी।
इस अवसर पर सीनियर फिलाटेलिस्ट अरविंद मलिक द्वारा संग्रहित डाक टिकटों का प्रदर्शन किया गया जिसमें यातायात, भारतीय इतिहास, महान कवि एवं साहित्यकार आदि पर जारी डाक टिकट्स शामिल थे।
बालभवन की पूर्व छात्रा एशियन पदक विजेता कुमारी मुस्कान किरार के माता-पिता श्री वीरेंद्र किरार एवं माता श्रीमती माला किरार खास तौर पर मौजूद रहे। संभागीय बाल भवन द्वारा शीघ्र ही मुस्कान किरार पर डाक विभाग के सहयोग से एक डाक टिकट जारी करने जा रहा है साथ ही विशेष उपलब्धियां पाने वाले जैसे बाल श्री विजेता बच्चों एवं राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि पाने वाले बच्चों के भी डाक टिकट पोस्टल विभाग के सहयोग से जारी किए जाएंगे । कार्यक्रम का संचालन कुमारी कल्याणी नेमा ने किया, अतिथियों का स्वागत श्रीमती विजय लक्ष्मी अय्यर, श्रीमती मीना सोनी, डॉक्टर शिप्रा सुल्लेरे, डॉक्टर रेनू पांडे आदि ने किया ।
इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में चिट्ठी ख़त शीर्षक से लिखे गीतों का गायन कुमारी उन्नति तिवारी मास्टर राजवर्धन पटेल,सूर्यभान सिंह, समीर सराठे, आकर्ष जैन ने किया । समवेत स्वरों में बच्चों ने पर्यावरण गीत की प्रस्तुति भी दी ।
क्रमांक/566/जून-34/जैन॥

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