KKK न्यूज रिपोर्टर
        नैनी
    सुभाष चंद्र


 प्रयागराज जमुनापार  जसरा शंकरगढ ब्लॉक  में केन्द्र एवम प्रदेश की मोदी योगी सरकारें भले ही ग्रामीणांचलों के विकास  के लिये विभिन्न योजनाओं के नाम से धन आवंटित कर गाँवो के विकास की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को सौंपी हो । किन्तु प्रधानों ने विकास निधि से गाँव के विकास की जगह अपना चौमुखी विकास किया ।जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण शंकरगढ विकास खण्ड  के ग्राम पंचायत लखनपुर के  है । जहाँ के विकास के लिये सरकार ने करोड़ो का बजट आवंटित किया । लेकिन उस बजट को पँचायत सेक्रेटरी व ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी ने धरातल में ना खर्च कर केवल कागजी खाना पूर्ति में खर्च कर धन का आपसी बन्दर बाँट कर ना सिर्फ अपनी सात पुश्तें मजबूत की। बल्कि  गाँव विकास के लिये आये सरकारी बजट से अपना ऐसा विकास किया । कि हर कोई देखने वाला अनायास ही कह उठेगा की प्रधान जी के नवाबी के ठाठ हैं । जिसका दुष्परिणाम  के अंतर्गत आने वाली ग्राम  की जनता को सड़क , नाली , खड़ंजा , स्वक्ष पेयजल जैसी मूल भूत सुविधाओं से वंचित रहकर भुगतना पड़ रहा है । ग्राम प्रधान की मनमानी का सिलसिला यहीं समाप्त नहीं होता । बल्कि ग्रामीणों की माने तो ग्राम प्रधान ने अतिरिक्त लाभ की चाहत में भी आवास , सौंचालय , राशन कार्ड , पेंशन योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में भी जमकर धांधली की है । जिसने इन सभी योजनाओं में   अतिरिक्त लाभ प्राप्त कर पात्रों की अपात्रों को शामिल किया ।           जिसकी शिकायत भी कई बार ग्रामीणों द्वारा ना सिर्फ ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों से की गई । बल्कि तहसील व जिला स्तरीय उच्च प्रशासनिकों से भी की गई किन्तु किसी  भी जिम्मेदार ने  उक्त भृष्टाचारी प्रधान के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाना मुनाशिब नहीं समझा । और उसे अपनी मनमानी करने की खुली छूट प्रदान किये हुए हैं । जिसकी मुख्य वजह प्रधान जी को सत्त्ता पक्ष के कुछ नामचीन सफेद पोशों का संरक्षण प्राप्त होना है ।जिससे जिम्मेदार उक्त भृष्टाचारी प्रधान के खिलाफ कार्यवाही करने से कतराते हैं । जो ग्रामीणों की समस्या निस्तारण की जगह  केवल कोरा आश्वासन ही देते आ रहे हैं । नतीजतन प्रधान की मनमानी का सिलसिला आज भी जारी है । जिसका दंश मजबूरन गाँव की जनता भुगत रही है । वहीं  प्रधान पर कार्यवाही ना होने से जिम्मेदार  उच्च प्रशासनिकों की कार्यशैली में भी प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है  वहीं इस सम्बंध में जब ग्राम प्रधान कमला सिंह से बात करने का प्रयास किया गया तो प्रधान जी ने रौब पूर्वक ढंग से कहा कि सब कुछ सही है । आपको जो छापना है । छाप दीजिए । मेरे ऊपर खबर प्रकाशन का ना तो कोई असर हुआ है और ना ही होगा ।
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