उम्मेद कुशवाहा कलयुग की कलम राष्ट्रीय समाचार मासिक पत्रिका व दैनिक वेब न्यूज चैनल   तहसील रिपोर्टर रीठी 

रीठी।। रीठी जनपद के बकलेहता से करीब 3 किलो मीटर की दूरी में बना उमरडोली डेम अपनी पहचान के लिये जाना जाता है यह डेम करीब 200 साल पुराना बताया जा रहा है ग्राम के बुजुर्गों ने बताया कि हमारे दादा जी बताया करते थे कि इस डेम को अग्रेजो ने बनाया है और इस डेम की सभी दीवारे चुना ओर पत्थरों से बनी है इस डेम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह कभी खाली नही होता है 

 इस तालाब से हजारों एकड़ जमीन में होती है सिचाई 

उमरडोली के तालाब से करीब हजारो एकड़ भूमि की सिचाई की जाती है हमारे रिपोर्टर ने कई किसानों से भी बात ही जिसमे बकलेहता बरजी चरगवां लालपुरा चहल टोला उजयरपुरा के किसानों ने बताया की इस तालाब से हम लोग धान ओर गेहू की फसल बड़ी ही आसानी से तैयार कर लेते है और हमको पानी की कोई समस्या नही रहती है और हम सभी किसानों को यह तालाब ही  एक मात्र पानी का साधन है 

आदिवासी समाज के लोग कमाते   
     है लाखो रुपये सालाना 

चरगवां ग्राम के आदिवासी परिवार के लोग ऊपर के तालाब में मार्च लगते ही करीब पांच एकड़ की जमीन में 10 से 15 परिबार तरबूज लगा लेते है और दो तीन माह की मेहनत से हर परिबार को 15से 20 हजार रुपए की आय हो जाती है हमारे रिपोर्टर ने कई लोगो से बात की जिसमे बेड़ी लाल आदिवासी,लखन आदिवासी, बिजय आदिवासी, सोनेलाल, अदिबासी बे बताया कि हम लोग पूरे परिवार में लोग दो तीन महीने की मेहनत से हम लोगो को 20 20 हजार रुपये की कमाई हो जाती है। जिसमें हम लोगो को  शासन को एकड़ के हिसाब से लगान  भी देनी पड़ती है जो 700 रुपये एकड़ राजस्व विभाग को देनी पड़ती है ओर हम लोग रीठी,बड़गांव, रेपुरा की बाजारों में अच्छी कीमत में बेचते है

अभी तक नही जगा प्रशासन 

लोगो ने बताया कि यह डेम बहुत ही पुराना है घने जंगलों के बीच बना यह डेम आपकी एक पहचान है लेकिन यह पहुचने के लिये न तो कोई सड़क है नहरो की मेड़ो से लोगों का आना जाना रहता है यहाँ रोज सेकड़ो लोग इस डेम की सुंदरता और बनावट को देखने आते है लेकिन अभी तक प्रशासन द्वारा इस डेम में किसी भी प्रकार की कोई ब्यवस्था नही की गई है इस खबर के माध्यम से लोगो ने अधिकारियों का इस इस डेम की ओर ध्यान आकर्षित करने का आग्रह किया है





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