सूचना का अधिकार अधिनियम बना मजाक

कोरिया/ नगर पंचायत झगराखाण्ड! देश में भ्रष्टाचार को दूर करने और सरकारी काम में पारदर्शिता लाने वाला सूचना के अधिकार का कानून अब मजाक बनता जा रहा है। विभागीय अपीलों के बावजूद आवेदकों को सूचनाएं नहीं मिल पा रहीं है। ऐसा ही मामला नगर पंचायत झगराखाण्ड में आया।

नगर के एक आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा लगभग 5 से 6 माहों से नगर पंचायत झगराखाण्ड में सूचना के अधिकार के तहत आवेदन लगाया गया मगर पंचायत द्वारा सूचना अधिकार कि समयसीमा समाप्त होने के बावजूद जानकारी नहीं दी जाती है जब तक आवेदक के द्वारा प्रथम अपील लगाकर कुंभकर्णी नींद से जागकर यह नही बताया जाता है कि आपके पंचायत में RTI गया है तब तक जानकारी नहीं दी जाती है और कुछ ऐसे भी मामले हैं जिनमें प्रथम अपील की समयसीमा समाप्त होने के बाद भी जानकारी नहीं दी जाती है अगर सूचना अधिकारी द्वारा जानकारी दी भी जाती है तो गलत और भ्रामक। सरकारी विभागों के इस रवैये से ऐसा लगता है कि सूचना अधिकारियों द्वारा जान बूझकर जानकारी देने में हीलहवाला किया जाता है। विभागों के इस रवैये से ऐसा लगता है कि विभाग की ओर से आवेदकों को इतना परेशान किया जाय कि वह दोबारा आवेदन लगाने या अपील करने की सोच ही न सकें।

अब आवेदक वहां के सूचना अधिकारी सहित मुख्य नगर पंचायत अधिकारी के खिलाफ कलेक्टर कोरिया और राज्य आयोग एवं संबंधी मंत्री तथा अधिकारीयों में शिकायत किए जाने की बात कही है।

जिला संवाददाता राजेश सिन्हा कलयुग की कलम राष्ट्रीय समाचार पत्रिका बेबी न्यूज़ चैनल मनेंद्रगढ़ जिला कोरिया

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