वाराणसी / सिपाही ने बढ़ाया खाकी का मान; खून देकर नौ दिन के बच्चे की जान बचाई

KKK न्यूज़ वाराणसी. पुलिस महकमे के एक सिपाही ने बुधवार सुबह एक ऐसा कार्य किया, जिससे खाकी का इकबाल बढ़ गया। चेतगंज थाने में तैनात सिपाही राकेश सरोज ने रात तीन बजे सड़क के किनारे रोते बिलखते अजनबी पिता के नौ दिन के बेटे की जान बचाने के लिए अपना खून दिया। जब यह सिपाही के साथियों को पता चली तो लोगों ने उसे सैल्यूट किया, साथ ही सीओ अंकिता सिंह और इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ने सिपाही राकेश के जज्बे को सलाम करते हुए उसे पुरस्कृत किया है।

बिहार का रहने वाला था पिता; नहीं था कोई मदद करने वाला

बिहार के रहने वाले एक व्यक्ति का नौ दिन का बेटा वाराणसी में महमूरगंज में एक निजी अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टरों ने जांच के बाद नवजात को खून चढ़ाने के लिए कहा था। पिता खून निकलवाने के लिए आईएमए ब्लड बैंक पहुंचा। जहां जांच के दौरान पता चला कि उसने हाल ही में आंख का ऑपरेशन कराया था। स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर उसका खून लेने से ब्लड बैंक कर्मियों ने इंकार कर दिया। रात तीन बजे वाराणसी में उसका कोई नहीं था जो मदद कर सके। वह थक हारकर ब्लड बैंक के बाहर बैठा रो रहा था।

इसी दौरान चेतगंज थाने में तैनात सिपाही राकेश वहां से गुजर रहा था। राकेश की नजर सड़क के किनारे बैठे व्यक्ति पर पड़ी। सिपाही ने रोने का कारण पूछा तो उसने पूरी दास्तान सुनाई। सिपाही का दिल पसीज गया। उसने तत्काल ब्लड बैंक पहुंचकर इंसानियत का फर्ज निभाया। इसके बाद सिपाही वहां से निकल गया। सिपाही के काम की हर तरफ प्रशंसा हो रही है।

क्षेत्राधिकारी चेतगंज अंकिता सिंह और इंस्पेक्टर चेतगंज प्रवीण कुमार ने सिपाही राकेश सरोज के जज्बे को सलाम करते हुए सम्मानित किया और इंसानियत के जज्बे की भरपूर सराहना की, साथ ही 1 दिन की स्पेशल छुट्टी और अगले महीने के लिए सर्वश्रेष्ठ आरक्षी घोषित किया गया। समाजसेवी संगठन मिशन समाजसेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डंपी तिवारी बाबा ने भी चेतगंज थाने पहुंचकर सिपाही राकेश सरोज को सम्मानित किया।

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