Indore Doctor saves life 

इंदौर – 19 जून – 4 वर्ष की मासूम को नहीं मालूम था की टूथ पेस्ट का ढक्कन खाने से उसकी जान भी जा सकती है। खेल खेल में बच्ची ने ढक्कन को मुँह में निगल लिया। घटना 4 माह पूर्व की है हरदा की रहने वाली 4 वर्षीय हर्षिता ने 4 माह पूर्व टूथ पेस्ट का ढक्कन निगल लिया था। जिसके बाद परिजनों ने बच्ची को डॉक्टरों को भी दिखाया था लेकिन डॉक्टरों को उस वक्त बच्ची के शरीर में कही भी ढक्कन दिखाई नहीं दिया। लेकिन कुछ समय बाद हर्षिता की हालत और बिगड़ने लगी परिजन उसे भोपाल के अस्पताल ले गए लेकिन वहां भी हर्षिता की हालत में सुधार नही हुआ। बच्ची की हालत ज्यादा बिगड़ते देख परिजन उसे इंदौर लेकर आये।

तस्वीर में नजर आ रही यह बालिका हर्षिता विश्नोई है जो महज 4 वर्ष की है जिसने 4 माह पूर्व टूथ पेस्ट का ढक्कन निगल लिया था।

हाल ही में बंगाल में हुए घटनाक्रम के बाद से इंदौर सहित पूरे प्रदेश में डॉक्टर हड़ताल पर है। इंदौर में भी डाक्टरो ने बच्ची का इलाज करने से मना कर दिया था । उसी बीच भगवान के रूप में इंदौर के डॉक्टर गुणवंत यशला ने इस बच्ची की स्थिति को देखते हुए। हड़ताल को नजरअंदाज कर बच्ची का इलाज शुरू किया इलाज के दौरान यह पाया गया की बच्ची के नाक में टूथपेस्ट का ढक्कन फंसा हुआ है । जिसे दूरबीन के जरिये पहले गले तक लाया गया फिर गले के रास्ते इसे बाहर निकाला गया।

इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में डॉक्टर गुणवंत यशला ने बच्ची को नया जीवन दान दिया। परिजनों ने डॉक्टर गुणवंत यशला को धन्यवाद दिया।

कहते है धरती पर भगवान के रूप में डॉक्टर ही है। यह कहावत उस समय सटीक बैठती है जब एक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही बच्ची को डॉक्टर मौत के मुह से बचा लाये। फिलहाल ऑपरेशन के बाद से हर्षिता की हालत सामान्य बनी हुई है।

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