श्री 108  श्री रणछोड़ दास जी के सपने को  किया जा रहा  चकनाचूर सदगुरू नेत्र चिकित्सालय जानकीकुण्ड की सेवाएँ हो रही है धडाम

चित्रकूट- जानकीकुंड नेत्र चिकित्सालय में नियमों की ऊडायी जा रही धज्जियाॅ, एमआरपी से अधिक मूल्यों मे बेंची जा रही दवाइयाँ

स्टैंड के नाम पर भी हो रही वसूली, गरीबों के साथ की जाती है बदसलुकी चित्रकूट जानकीकुण्ड सदगुरू नेत्र चिकित्सालय जानकीकुण्ड मे इन दिनों स्टैण्ड के नाम भारी लूट चिकित्साल के अन्दर मेडिकल स्टोर में हो रही भारी लूट भोली भाली जनता को प्रिंट रेट से अधिक मूल्यों मे दी जा रही दवाइयां जानकीकुण्ड ट्रस्ट के मालिक को नहीं है इस ओर ध्यान की समाज सेवा के लिए जानकीकुंड चिकित्सालय की स्थापना हुई थी  जो अपनी रास्ता से भटक रहा है। कौन है जिम्मेदार और कौन देगा  इस ओर ध्यान आखिर भोली भाली जनता को कब तक लूटते रहेंगे स्टैंड और मेडिकल स्टोर के नाम पर इसका कौन देगा जवाब

 श्री 108 श्री रणछोड़ दास जी के सपने को किया जा रहा चकनाचूर

 _चिकित्सालय के संस्थापक का यह सपना था कि गरीब असहाय बेसहारा लोगों की सेवा करना ही उनका लक्ष्य था मगर यहा तो ठीक उसका उल्टा ही होते दिख रहा है   यहां तो टॉर्च वाले की ही पहली व्यवस्था है उनकी वरीयता क्रम में देखा जाता है गरीब जनता आज भी कलहर रही है उसकी नहीं है कोई शुद्ध मात्र दिखावा दिखाया जा रहा है जानकीकुण्ड हॉस्पिटल पर आखिर ऐसा क्यों क्यों पैसा के चकाचौंध में ट्रस्टी लोगों की आंख नहीं खुल रही हो क्यों गरीब बेसहारा आज भी जानकीकुंड चिकित्सालय में खा रहा दर-दर की ठोकरे वही आज के परिवेश में जानकीकुण्ड हॉस्पिटल अपने मूल उद्देश्यों से भटक रहा है । और आपको बताते चलें कि जानकी कुंड हॉस्पिटल के  मरीजों ने यह जानकारी दी कि यहां के स्टाफ के जो परिचित लोग हैं उन्ही को हॉस्पिटल का लाभ मिल पाता है बाकी तो पैसा लूटने का काम करते हैं पहले जैसे अब व्यवस्थाएं नहीं है अब तो पैसा लूटने का काम ही जानकीकुण्ड में होता है और आप को बताते चलें की पहाड़िया मेडिकल स्टोर मे लगे कर्मचारियों को  लोगों से  माने मरीजों से बदतमीजी करते देखा जा सकता है । जो की एक सोचनीय विषय है।


मंडल प्रभारी अश्विनी कुमार श्रीवास्तव

कलयुग की कलम राष्ट्रीय समाचार पत्रिका एवं दैनिक वेब न्यूज चैनल

जनपद-चित्रकूट



Share To:

Post A Comment: