कच्चे घरों में रहने वाले गरीबों की मौत का जिम्मेदार कौन?
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हरदोई। बघौली थाना क्षेत्र के अड़ंगापुर गांव निवासी गंगाराम का 15 वर्षीय पुत्र रामनिवास बीती रात कच्चे मकान के भीतर सो रहा था। बारिश के दौरान कच्ची दीवार ढह गई। मलबे में रामनिवास भी दब गया। परिजनों ने शोर मचाते हुए ग्रामीणों को बुलाया। पड़ोसियों ने दीवार का मलबा हटाया लेकिन तब तक रामनिवास की मौत हो चुकी थी। घटना से परिजनों में कोहराम मचा है। शनिवार सुबह मामले की सूचना पर पहुंची बघौली पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

इस मौत के पीछे सरकारी सिस्टम की लापरवाही व भृष्टाचार की पोल खुल गयी है। एक तरफ तो सरकार हर गरीब को आवास देने की बात कर रही है, लेकिन सरकार के नुमाइंदे सरकार की फजीहत कराने पर लगे हुए है। गंगाराम ने भी सरकार से आवास की मांग की थी, किन्तु जांच अधिकारियों ने फर्जी आख्या लगाकर उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। काश उसे भी भी पक्की छत मिल गई होती तो आज उसका 15 साल के बेटा असमय काल के मुंह मे न समाता।
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सरकारी योजनाओं में धांधली के खिलाफ कई बार उठाई गई आवाज
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हरदोई। अड़ंगापुर गांव के ही निवासी वीरपाल सिंह जो मौजूदा बीजेपी सरकार के सक्रिय कार्यकर्ता व समाज सेवी है। इन्होंने सरकार के चलाये जा रहे जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से कई बार शिकायत की थी। कच्चे मकानों में जीवन यापन कर रहे गरीबो के लिए आवास की मांग भी की थी, औऱ आशंका जताई थी कि कच्चे मकानों में रहने वाले गरीबों के साथ बारिश में अनहोनी घटना न घट सकती है। किन्तु सिंस्टम ने अनदेखा कर दिया, उसकी शिकायत भी फर्जी आख्या लगाकर बंद कर दी गयी। नतीजन गांव में गरीबों की मौत का सिलसिला शुरू हो गया है।
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