सीमा सुरक्षा बल मना रहा है 'कारगिल विजय दिवस' की 20वीं वर्षगांठ 

भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में छिड़े 'कारगिल युद्ध' में भारतीय सशस्त्र बलों ने दुश्मनों के दांत खट्टे करते हुए उन्हें पराभूत किया था।युद्ध का समापन 27 जुलाई 1999 को हुआ था।भारतीय सैन्य बलों के इतिहास में शौर्य और पराक्रम की इस गाथा को  'ऑपरेशन विजय' और 27 जुलाई को 'कारगिल विजय दिवस' के नाम से जाना जाता है।27 जुलाई 2019 को राष्ट्र 'कारगिल विजय दिवस' की 20वीं वर्षगांठ मना रहा है।

सामान्यतः 'ऑपरेशन विजय' न केवल सशस्त्र बलों के लिये, बल्कि समूचे राष्ट्र के लिये अभिमान का विषय है, क्योंकि   हमेशा की ही तरह, देशवासियों के अथाह स्नेह और सहयोग ने ही इस युद्ध में भी इन बलों के लिये सफल उत्प्रेरक का कार्य किया था और  सामरिक सफलता दिलाई थी। इसके साथ ही यह दिन, वीर शहीदों को स्मरण करने, उनके बलिदान पर गौरवान्वित होने एवं सशस्त्र बलों  द्वारा राष्ट्र-रक्षा हितार्थ दिये अमूल्य योगदान से देशवासियों के पुनः परिचय का विशेष दिन भी है।

चूंकि सीमा सुरक्षा बल ने भी इस युद्ध में मोर्चा संभाला था और अपने दायित्वों का वीरतापूर्वक निर्वाह करते हुए राष्ट्र का मस्तक गर्व से ऊंचा किया था,अतः 'कारगिल विजय दिवस' की 20वीं वर्षगांठ को अविस्मरणीय बनाने के लिये यह  बल भी पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कारगिल युद्ध के वीर बलिदानियों की स्मृति में यह बल विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। बल के प्रत्येक स्तर पर  सप्ताह भर या उससे अधिक दिनों की अवधि तक आयोजित किये जाने वाले इन कार्यक्रमों की संक्षिप्त जानकारी नीचे दी जा रही है :-

सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले शहीदों के परिजनों व पदकों से सम्मानित सीमा प्रहरियों के लिये सम्मान समारोह ।
तैनाती वाले स्थानों की प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच चित्रकारी एवं देशभक्ति गीतों का गायन आदि प्रतियोगिताएं।
माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच देशभक्ति विषयक वाद-विवाद प्रतियोगिताएं।
देशभक्ति के नारे लिखने की खुली प्रतियोगिताएं।
प्रभात फेरियां व साइकिल रैलियां।
शहीदों के लिये 5 किलोमीटर की दौड़।
विशेष स्थानों पर बी.एस.एफ. बैंड द्वारा देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति।
शस्त्र प्रदर्शनी।
राष्ट्रीय सुरक्षा में सशस्त्र बलों के महती योगदान को रेखांकित करने वाले छायाचित्रों व चलचित्रों का प्रदर्शन।
'अपने बल को जानें' नाम के कार्यक्रम के तहत  एन.सी.सी., स्काउट और एन.एस. एस. विद्यार्थियों का अग्रिम सीमा चौकियों का भ्रमण।
राजस्थान में  कैमल सफारी।
रक्तदान शिविर।
सशस्त्र बल की सेवाओं से युवाओं के जुड़ाव को प्रोत्साहित करने के लिये  वरिष्ठ अधिकारियों का स्कूलों/काॅलेजों में भ्रमण तथा युवाओं से संवाद।
कारगिल युद्ध में सीमा सुरक्षा बल की भूमिका से देश का परिचय।
राष्ट्र-रक्षा और राष्ट्र-निर्माण में सशस्त्र बलों के योगदान से जन-जन का परिचय करवाने के लिये सीमा सुरक्षा बल पूर्णतः संकल्पवान है।कारगिल युद्ध की महागाथा देशवासियों को हमेशा अमर बलिदानियों के योगदान की याद दिलाती रहेगी। सीमा सुरक्षा बल द्वारा आयोजित किये जाने वाले इन कार्यक्रमों का महान उद्देश्य सशस्त्र बलों के आत्मविश्वास को मजबूती प्रदान करना तथा देश के युवा वर्ग को सशस्त्र बल सेवाओं से जुड़ाव को प्रेरित करना है।
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