हरारे. अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे में वन्यजीवों की आबादी को कम करने के लिए जंगली हाथियों को बेचना चाहता है। पिछले दिनों अफ्रीकी संघ और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के शिखर सम्मेलन में इस पर चर्चा हुई। पर्यटन मंत्री प्रिस्का मुप्फुमिरा के मुताबिक, जिम्बाब्वे के करीब 30 हजार हाथियों को बेचा जाएगा।
पहले अंगोला को बेचे जाएंगे हाथी
पर्यटन मंत्री ने बीते मंगलवार को बताया कि जिम्बाब्वे अपने हाथियों को अंगोला और किसी अन्य इच्छुक देश को बेचने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा- हमारे पास हाथियों को बेचने के लिए कोई पूर्व निर्धारित बाजार नहीं है। जो भी वन्यजीव खरीदने के लिए इच्छुक हैं, हम उन्हें बेचने के लिए तैयार हैं।
मुप्फुमिरा ने कहा कि हम 30 हजार हाथियों को बेचना चाहते हैं। अभी देश में इनकी संख्या करीब 84 हजार है। उन्होंने बताया कि अंगोला 27 साल से गृहयुद्ध की चपेट में था, जो 2002 में खत्म हुआ। वह फिर से अपने देश में जानवरों को लाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने बताया कि बारूदी सुरंगें अंगोला में बड़ी समस्या हैं। इसलिए हम जानवरों को वहां भेजने से पहले इससे निपटने के लिए फंड देंगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, मई में दुबई और चीन को 97 हाथी बेचे गए। इससे देश को करीब 20 करोड़ रु. मिले।
वन्यजीव एजेंसी ने कहा है कि बिक्री से मिले पैसों का इस्तेमाल प्राकृति के संरक्षण में किया जाएगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका के चार देशों जिम्बाब्वे, नामीबिया, बोत्सवाना और जांबिया में दुनिया के कुल हाथियों की आधी आबादी है। जिम्बाब्वे हाथी दांत का भी बड़ा बाजार है।
हाथी दांत के व्यापार से प्रतिबंध हटाने की मांग
जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति इमर्सन म्नांगगवा ने हाथी दांत व्यापार पर लगे प्रतिबंध को हटाने का आह्वान किया। एक अंतरराष्ट्रीय समझौते के तहत हाथी दांत की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। जिम्बाब्वे, बोत्सवाना, नामीबिया और जांबिया प्रतिबंध हटाने के लिए नए सिरे से अपील कर रहे हैं।
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