दस्तक अभियान में 3 दिवस में रिजल्ट लायें, नहीं तो होगी कार्यवाही - कलेक्टर

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कार्यक्रम की समीक्षा

Kkkन्यूज कटनी- कलेक्टर शशिभूषण_सिंह ने दस्तक अभियान के अन्तर्गत बीएमओ और स्वास्थ्य अधिकारियों को 3 दिवस के भीतर अपेक्षित प्रगति परिलक्षित करने के निर्देश दिये हैं। अन्यथा संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यकमों की समीक्षा बैठक में दस्तक अभियान की प्रगति की समीक्षा के दौरान कहा कि अभियान के क्रियान्वयन के पश्चात जो वास्तविक आंकड़े प्राप्त हुये हैं, उनकी ही वास्तविक रिपोर्टिंग करें। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ0 एस0के0 शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह, जिला टीकाकरण अधिकारी समीर सिंघई, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी वनश्री कुर्वेति सहित बीएमओ, सीडीपीओ भी उपस्थित थे।
 जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में बताया गया कि दस्तक अभियान के अन्तर्गत जिले के कुल 1037 ग्रामों में से अब तक 973 आबाद ग्राम वार्ड कव्हर कर 967 ग्रामों के बच्चों की स्क्रीनिंग की गई है। एक लाख 33 हजार 644 डिजिटाईज्ड बच्चों के लक्ष्य के विरुद्ध एक लाख 26 हजार 459 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। जो लक्ष्य का 94 प्रतिशत है। अभियान के दौरान स्क्रीन किये गये 5 वर्ष तक के 1 लाख 18 हजार 944 बच्चों में से 1768 बच्चे अतिकम वजन के पाये गये, जिनमें से 1204 बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उपचार के लिये रिफर किया गया है। अभियान के दौरान गंभीर एनीमिक 2431 बच्चे मिले हैं, जिन्हें रिफर किया गया है। विटामिन ए का कव्हरेज 1 लाख 1 हजार 464 बच्चों को दिया गया है। निमोनिया के 713 केस मिले हैं, जिन्हें उपचार के लिये रिफर किया गया है, जिनमें 317 को भर्ती उपचार की सेवायें दी गई हैं। डायरिया के 4745 केस मिले हैं, जबकि एक लाख 16 हजार 748 बच्चों को ओआरएस दिया गया है।कलेक्टर श्री सिंह ने दस्तक अभियान के विभिनन घटकों की विकासखण्डवार समीक्षा करते हुये मानदण्डों के अनुरुप संतुष्टिपूर्ण आंकड़े नहीं होने पर अप्रसन्नता जाहिर की। उन्होने कहा कि शासन के महत्वपूर्ण कार्यक्रम का मैदानी स्तर पर गंभीरता पूर्वक क्रियान्वयन करें और परिलक्षित वास्तविक आंकड़े ही रिपोर्ट में प्रदर्शित करें। ताकि हर जरुरतमंद बच्चे को स्वास्थ्य सेवायें और निदानात्मक सेवायें दी जा सकें। कलेक्टर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में संस्थागत प्रसव, बच्चों का टीकाकरण, सम्पूर्ण टीकाकरण, मातृ मृत्युदर, शिशु मृत्युदर, परिवार कल्याण कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, एन्टीनेटल केयर, आशा चयन कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होने कहा कि बरसात के मौसम में दूषित पेयजल से होने वाली क्रॉनिक बीमारियां नहीं हों। डिपो होल्डर के पास क्लोरीन, ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध रहे और पेयजल स्त्रोतों का क्लोरीनेशन करते रहें। परिवार कल्याण कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार कर आंगनबाड़ी केन्द्रों से भी सहयोग लेकर अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश कलेक्टर ने दिये। उन्होने कहा कि शहरी क्षेत्र के रिक्त पदों पर आशा कार्यकर्ता का चयन इसी माह तक हो जाना चाहिये।महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा में जिला कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह ने बताया कि जिले में संचालित कुल 1712 आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से जून माह में 1 लाख 15 हजार 109 बच्चों का वजन लिया गया है। जिनमें 22 हजार 182 बच्चे कम वजन और 2877 बच्चे अतिकम वजन के पाये गये हैं। टीएचआर से जून माह में 54 हजार 399 बच्चे और 10631 महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। पोषण पुर्नवास केन्द्र (एनआरसी) में 160 स्वीकृत बेड के विरुद्ध 206 अतिकम वजन के बच्चों का पोषण उपचार कराया गया है। कलेक्टर ने कहा कि अतिकम वजन के बच्चों की सूची तैयार कर एसडीएम, खाद्य, पंचायत, उद्यानिकी, कृषि विभाग को भी दी जाये। ताकि इन बच्चों के माता-पिता को आजीविका और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा सके।

सोनू त्रिपाठी ग्रामीण रिपोर्टर कलयुग की कलम कटनी



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