कृषि, खाद्य, सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक

Kkkन्यूज कटनी- कलेक्टर शशिभूषण_सिंह ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। उन्होने कहा कि राशन दुकानें नियमित रुप से खुलें और पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न का वितरण हर माह सुनिश्चित किया जाये। खाद्यान्न वितरण में अनियमितता या गड़बड़ी करने वाले सेल्समैन एवं प्रबंधकों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाये। गुरुवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति निगम, कृषि, सहकारिता विभाग के अधिकारियों की बैठक में यह निर्देश दिये गये। इस मौके पर उप संचालक कृषि ए0के0 राठौर, जिला प्रबंधन नान पियूष माली, सहायक पंजीयक सहकारिता अरुण मेश्राम, प्रभारी खाद्य अधिकारी रविकांत ठाकुर सहित कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी भी उपस्थित थे।खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा में Collector Katni ने कहा कि राशन दुकानों में सेल्समैन मनमानी नहीं करें। खाद्य एवं राजस्व विभाग के अधिकारी सतत् रुप से राशन दुकानों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। सेल्समैन द्वारा गड़बड़ी या अनियमितता करने पर उसके विरुद्ध पुलिस में भी प्रकरण दर्ज करायें। यदि एक सेल्समैन के पास दो या तीन दुकानों का प्रभार हो, तो प्रभार वाली दुकान और ग्राम पंचायत की दीवार पर सेल्समैन के आने के दिन, नाम, मोबाईल नम्बर, दुकान खुलने का समय और दिवस स्पष्ट रुप से अंकित करायें।
कलेक्टर ने कहा कि मध्यान्ह भोजन, साझा चूल्हा के समूहों और छात्रावासों को खाद्यान्न का आवंटन समय पर प्राप्त होना चाहिये। राशन वितरण में उपभोक्ताओं को पीओएस मशीन के माध्यम से वितरण का प्रतिशत बढ़ायें। जिले में कुल आवंटित 473 पीओएस मशीन में से 65 मशीनें लम्बे समय से खराब हैं। सर्विस प्रोवाईडर को इन मशीनों को बदलने को कहें या एजेन्सी को ब्लैक लिस्टेड करायें।
 प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी रविकांत ठाकुर ने बताया कि जुलाई माह में कुल 2 लाख 15 हजार पात्र परिवारों में से 1 लाख 75 हजार 290 परिवारों को पीओएस मशीन से खाद्यान्न वितरण किया गया है। जो 73 प्रतिशत है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में अब तक जिले में 1 लाख 82 हजार 887 परिवारों की केवायसी भरी गई है। जिनमें एक लाख 52 हजार 569 केवायसी क्लियर हुई हैं तथा एक लाख 43 हजार 220 निर्धन परिवारों के यहां निःशुल्क गैस कनेक्शन स्थापित कराया गया है। उन्होने बताया कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की पात्रता का विस्तार कर सेन्स डाटा 2011 में शामिल निर्धन परिवारों के अलावा अन्त्योदय अन्न योजना के परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही, सभी एससीएसटी परिवार और सभी वनवासी परिवारों को भी पात्र बनाया गया है।कलेक्टर श्री सिंह ने खाद्यान्न वितरण, पात्रता पर्ची और उपार्जन के भुगतान संबंधी सीएम हेल्पलाईन की शिकायतों के निराकरण की भी समीक्षा की और कहा कि गेहूं, धान उपार्जन के भुगतान संबंधी कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिये।खरीफ कार्यक्रम एवं खाद बीज की उपलब्धता की समीक्षा में बताया गया कि जिले में खरीफ कार्यक्रम के तहत एक लाख 77 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में फसलों की बोनी और क्षेत्राच्छादन का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें धान का रकबा एक लाख 64 हजार हैक्टेयर एवं 13 हजार हैक्टेयर में अन्य फसलों का है। अब तक लगभग 50 प्रतिशत बोनी की जा चुकी है। इस सप्ताह बारिश होने पर अगले सप्ताह तक बोनी का कार्य लगभग पूर्ण हो जायेगा। जिले में खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता है। समितियों के माध्यम से 4 हजार टन यूरिया का वितरण किया गया है। 1400 टन यूरिया और प्राप्त हो गया है। डीएपी 5400 टन उपलब्ध था, जिसमें 3300 टन वितरित हुआ है। 2100 टन डीएपी शेष है। डीएपी की एक रैक की डिमाण्ड और भेजी गई है। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि खरीफ फसलों की बुवाई का यह पीक टाईम है। किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता बनाये रखें। बारिश कम होने की स्थिति में खरीफ फसलों के लिये सितम्बर, अक्टूबर माह में सिंचाई की आवश्यकता पड़ने पर सिंचाई नहरों और जलाशयों से पानी देने की कार्ययोजना भी अभी से तैयार कर लें।

सोनू त्रिपाठी ग्रामीण रिपोर्टर कलयुग की कलम कटनी
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