उम्मेद कुशवाहा कलयुग की कलम समाचार मासिक पत्रिका व दैनिक वेब न्यूज चैनल रिपोर्टर रीठी 

मध्यप्रदेश में सरकार बदलते ही पूर्व में सत्ताधारी पार्टी के नेताओं द्वारा की गई अवैध नियुक्तियों की छटनी शुरू हो गई है।ताजा मामला कटनी जिले की रीठी तहसील के वृहताकर सहाकारी समिति का है। वृहताकर सहाकारी समिति रीठी में नियम विरुद्ध तरीके से कम्प्यूटर ऑपरेटर पद पर अपने चहेते को नियुक्त किया गया था।सरकार बदलते ही नियुक्त किये गए भाजपा महिला मोर्चा की जिला मंत्री अहिल्या राय के बेटे को हटा दिया गया है। हटाने की कार्यवाही प्रभारी सहायक आयुक्त सहकारिता द्वारा की गई है।इस मामले में प्राप्त जानकारी के अनुसार पांच साल पहले वृहताकार सहकारी समिति रीठी में कम्प्यूटर ऑपरेटर पद की जगह निकली थी। इसमें सत्ता के दम पर भाजपा नेत्री व जिला मंत्री अहिल्या राय ने बेटे को समिति में ऑपरेटर के पद पर भर्ती करा दिया था। कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद में बगैर किसी विज्ञापन, सूचना व समिति प्रस्ताव तैयार किये समिति में ही पदस्थ देवरी निवासी अहिल्या राय के पति सहायक प्रबंधक अनिल राय ने बेटे आलोक राय की भर्ती कर ली। कई वर्षों से हजारों रुपये का वेतन जारी किया जाता रहा। इसके अलावा अन्य गड़बडिय़ां की जाती रहीं। इसकी भनक कुछ माह पहले पूर्व युवा कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र जैन को लगी। उन्होंने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन सत्ताधारी दल के कारण मामले की कोई जांच नहीं हुई।सरकार बदलते ही महेंद्र जैन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से इस मामले की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने तत्काल मामले को संज्ञान में लिया और सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. अरुण मसराम को मामले की जांच करने के आदेश दिये। मामले की जांच हुई। इसके बाद डॉ. अरुण मासराम अवकाश पर चले गए। कार्रवाई न होने पर दोबारा महेंद्र जैन से सीएम कमलानाथ से शिकायत की। इसके बाद फिर से सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने जांच की और जांच में सहायक समिति प्रबंधक के बेटे आलोक राय की नियुक्ति नियम विरुद्ध पाई, जिसे पद से हटाने की कार्रवाई की गई।

मनमाने तरीके से दुकान आवंटन करने का आरोप भी हुआ सिद्ध

युवक कांग्रेस के पूर्व ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र जैन ने यह शिकायत भी कि थी कि सहायक समिति प्रबंधक ने गलत तरीके से न सिर्फ बेटे को नौकरी दी है बल्कि चहेतों को उपकृत करने के लिए नियम विरुद्ध तरीके से सरकारी राशन दुकानें आवंटित की हैं। शिकायत में बताया गया कि सहायक प्रबंधक ने अपने भतीजे विजय राय को 6 राशन दुकानें भी आवंटित की हैं। जांच में दो दुकानें विजय के पास मिली हैं। विजय राय द्वारा देवरी और हरद्वारा में दुकान का संचालन पाया गया। शिकायत में बताया गया कि अनिल राय वृहताकार सहकारी रीठी में सहायक समिति प्रबंधक रीठी के पद पर लगभग 15 वर्षों से पदस्थ हैं। इसके साथ ही इनपर वर्ष 2014 में फसल बीमा में गड़बड़ी, चहेतों को लाभ दिलाने के लिए नियम विरुध्द तरीके से नियुक्तियां करने का आरोप है। एक जानकारी में बताया गया कि किसान क्रेडिट कार्ड में भी जमकर मनमानी और फर्जीवाड़ा किया गया है।

इनका कहना है:-
महेंद्र जैन की शिकायत पर मामले की जांच कराई गई है जांच में रीठी वृहताकार सहकारी समिति के सहायक प्रबंधक अनिल राय के बेटे आलोक राय की नियुक्ति नियम विरुद्ध पाई गई थी, कम्यूटर आपरेटर के पद पर पदस्थ आलोक राय को तत्काल पद से अलग कर दिया गया है इसके अलावा भतीजे के नाम पर दो दुकानें आवंटित मिलीं हैं।
इस मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।

के. डी. सिंह,
प्रभारी सहायक आयुक्त सहकारिता विभाग
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