कांग्रेस सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे हैं नौकरशाह।

छतरपुर। मप्र सरकार में कमलनाथ मुख्यमंत्री के द्वारा किए गए फैसलों को नौकरशाहों द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है।मप्र की कमलनाथ सरकार ने जिले के लिए जिला सरकार का गठन कर जिले के प्रभारी मंत्री को जिले का मुख्यमंत्री बना दिया। परंतु छतरपुर जिले में प्रभारी मंत्री को ठेंगा दिखाते हुए जिले के अधिकारी अपनी मनमर्जी करने पर उतारू हैं। मिली जानकारी के अनुसार जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हर्ष दीक्षित का तबादला अपर कलेक्टर जबलपुर हो जाने के बाद उन्होंने जिला पंचायत में अटैच संजय अग्रिहोत्री को छतरपुर जनपद का प्रभार दे दिया है। मजेदार बात ये है कि हर्ष दीक्षित का तबादला जबलपुर राज्य शासन ने कर दिया था और उन्होंने जाते जाते 29 जून 2019 को अपने आदेश क्रमांक 35 जिला पंचायत मनरेगा में यह आदेश जारी किया कि जनपद पंचायत बड़ामलहरा जिला छतरपुर में पदस्थ संजय अग्रिहोत्री उपयंत्री को जनपद पंचायत छतरपुर के सेक्टर क्रमांक 1 का प्रभार आगामी आदेश तक के लिए दिया जाता है वहीं दूसरी ओर रामप्रकाश गुप्ता जो कि जनपद छतरपुर में सेक्टर 1 का प्रभार लिए थे उन्हें आरईएस में अटैच कर दिया गया। अधिकारी सरकार से ऊंचे हैं और मनमानी करने पर तुले हुए हैं। यह बात विधायकों ने मुख्यमंत्री से भी कही थी। संजय अग्रिहोत्री जनपद पंचायत बड़ामलहरा में पदस्थ थे जिसकी शिकायत सरपंचों ने की थी की उपयंत्री द्वारा शासकीय योजनाओं के तहत चलने वाले कामों का मूल्याकंन सही समय में नहीं किया जाता। इस शिकायत के आधार पर संजय अग्रिहोत्री को जिला पंचायत में अटैच किया गया था परंतु जिला सीईओ हर्ष दीक्षित का तबादला हुआ और उन्होंने जाते जाते संजय अग्रिहोत्री को छतरपुर जनपद पंचायत की सेक्टर 1 में प्रभार दिला दिया है। जबकि जिले में कोई भी तबादला या प्रभार बदलने के लिए प्रभारी मंत्री का अनुमोदन होना आवश्यक है परंतु ऐसा नहीं किया गया और अधिकारियों की मनमर्जी के चलते संजय अग्रिहोत्री ने अपना प्रभार बदलवा लिया। जो जिला पंचायत कार्यालय और आरईएस के कार्यालय में चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल इस संबंध की शिकायत एक विधायक ने मप्र के मुख्यमंत्री से दूरभाष पर कर दी है। 
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