KKK न्यूज रिपोर्टर
         नैनी
    सुभाष चंद्र

 प्रयागराज, 11 जुलाई 2019। भ्रष्टाचार में संलिप्त संजय कुमार कुशवाहा, बीएसए प्रयागराज द्वारा भारतीय संसद से पारित व लागू कानूनों को न मानने का मामला अब खुद भारतीय संसद के द्वार पहुंच गया है।
   जानकारी के अनुसार परमेंदु वेलफेयर सोसाइटी के प्रबंधक आर0के0 पाण्डेय एडवोकेट हाई कोर्ट ने भारतीय संसद के दोनों सदनों राज्य सभा व लोकसभा के क्रमशः सभापति व लोकसभा अध्यक्ष को पंजीकृत पत्र भेजकर एवं उसकी कॉपी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व दोनो ही सदन के नेता प्रतिपक्ष को भेजकर आरोप लगाया है कि भारतीय संसद से पारित कानून आरटीआई ऐक्ट,2005 तथा आरटीई ऐक्ट,2009 को जानबूझकर संजय कुमार कुशवाहा, बीएसए प्रयागराज नही मानते व इसीलिए उसका अनुपालन न तो करते हैं व न ही मातहतों से करवाते हैं। इसका प्रमाण देते हुए आर0के0 पाण्डेय ने बताया है कि 06 मई 2017 से आज तक उपरोक्त बीएसए ने किसी भी आरटीआई का जवाब नही दिया है तथा प्रयागराज जनपद में आरटीई ऐक्ट की धारा तथा   पूरी तरह लागू नही हो सकी है जिसके कारण आज भी हजारों मानक विहीन, गैर मान्यता प्राप्त, अवैध व अमान्य विद्यालयों का संचालन खुद बीएसए उपरोक्त के संज्ञान में हो रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया है कि आम जनमानस के अनुसार संजय कुमार कुशवाहा, बीएसए खुद को उ0प्र0 सरकार के एक उप मुख्यमंत्री का बेहद करीबी व रिश्तेदार बताकर अपने पद का दुरुपयोग व भ्रष्टाचार कर रहे हैं व इस बीएसए के विरुद्ध की गई अभी तक की शिकायतों पर किसी भी उच्च अधिकारी ने कोई भी विधिक कार्यवाही नही की है जबकि यह मामला खुद उक्त उप मुख्यमंत्री के साथ ही सभी सक्षम उच्च अधिकारियों, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, निबन्धक उच्च न्यायालय उच्चतम न्यायालय, मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के संज्ञान में है। आर0के0 पाण्डेय एडवोकेट ने स्पष्ट किया है कि बेहद उच्च स्तरीय भ्रष्टाचार का प्रकरण होने के कारण अब पूरे भारत वर्ष में कहीं से भी न्याय की उम्मीद ही नही बची है इसीलिए उन्होंने यह प्रकरण सर्वोच्च सदन भारतीय संसद को भेज दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली वर्तमान सरकार, विपक्ष व भारतीय संसद इस मामले में क्या रुख अख्तियार करती है।
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