अंजली शुक्ला संस्थापिका एवं राष्ट्रीय  अध्यक्षा नमो शक्ति मोर्चा (भारत)

नमो शक्ति मोर्चा एक ऐसा नाम जो महिलाओं के विकास पर  केंद्रित है यह संगठन महिला,पुरुष युवा सभी के लिए कार्य कर रहा है परंतु उसका जो मुख्य उद्देश्य है वह नारी उत्थान एवं मोदी समर्थन है मोदी समर्थन का अर्थ है जो केंद्र द्वारा महिलाओं को सशक्त बनाने वाली योजनाएं  निकाली जाएगी उसको यह संगठन जमीनी स्तर तक पहुंचाने का कार्य करेगा।नारी सशक्तिकरण के बिना मानवता का विकास अधूरा है।यह जरूरी है कि हम स्वयं को और अपनी शक्तियों को समझें। जब कई कार्य एक समय पर करने की बात आती है तो महिलाओं को कोई नहीं पछाड़ सकता। यह उनकी शक्ति है और हमें इस पर गर्व होना चाहिए।आइये हम लड़कियों के जन्म होने पर खुशियां मनाएं। हमें अपनी बेटियों पर समान रूप से गर्व होना चाहिए। मैं आपसे आग्रह  करती हूं कि बेटी के पैदा होने पर खुशियां मनाएं।हमें समाज में ही नहीं, बल्कि परिवार के भीतर भी महिलाओं और पुरुषों के बीच भेदभाव को रोकना होगा।महिलाओं को खुद से जुड़े फैसले लेने की स्वतंत्रता होनी चाहिए - सही मायने में हम तभी नारी सशक्तिकरण को सार्थक कर सकते हैं।नारी सशक्तिकरण में आर्थिक स्वतंत्रता की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए।चाहे वो शोध से जुड़ी गतिविधियां हों या फिर शिक्षा क्षेत्र प्रत्येक महिला में उद्यमिता के गुण और मूल्य होते हैं। यदि वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हों तो महिलाएं निर्णय प्रक्रिया में बड़ी भूमिका अदा कर सकती हैं।महात्मा गांधी ने कहा था,जब नारी शिक्षित होती है तो दो परिवार शिक्षित होते हैं। मैं इसमें यह जोडूंगी कि जब हम नारी को शिक्षित करते हैं तो न केवल दो परिवारों बल्कि दो पीढ़ियों को शिक्षित करते हैं हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" नारा दिया परंतु यह नारा सिर्फ कांस्टिट्यूशन क्लबों तक  ही सीमित होकर रह गया "नमो शक्ति मोर्चा"अब इस नारे को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का कार्य करेगा इस संगठन का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि मोदी जी के हर अच्छे विचारों का समर्थन करना और महिला सशक्तिकरण को बढ़ाना महिलाओं का उत्थान करना नमो शक्ति मोर्चा से युवा, पुरुष एवं महिलाएं कई हजारों की संख्या में जुड़े हुए हैं,यह संगठन अभी 8 राज्यों में कार्य कर रहा है और आगे आने वाले दिनों में यह पूरे भारत में कार्य करेगा नमो  शक्ति मोर्चा का स्थापना 14 जून 2019 को दिल्ली में किया गया जिसकी संस्थापिका एवं राष्ट्रीय अध्यक्षा भारत देश की जानी-मानी समाजसेवीका श्रीमती अंजली शुक्ला जी हैं जिन्होंने पिछले कई वर्षों से समाज और देश हित के लिए कार्य करती चली आ रही है" महिला - वो शक्ति है, सशक्त है, वो भारत की नारी है, न ज्यादा में,न कम में, वो सब में बराबर की अधिकारी है।मानवता की प्रगति महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना अधूरी है। आज मुद्दा महिलाओं के विकास का नहीं, बल्कि महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास का है।

केंद्रीय मंत्री ,राज्य मंत्री एवं सभी  सांसदों को जीत की बधाई देते हुए

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