चित्रकूट- उत्तर प्रदेश एक कृषि प्रधान एवं देश में सबसे अधिक जनसंख्या वाला प्रदेश है। प्रदेश वासियों को वर्ष भर ऋतुओं के हिसाब से आवश्यक खाद्यान्न वस्तुओं की आवश्यकता होती है, जो प्रदेश की उपजाऊ भूमि से किसानों द्वारा उत्पादन कर आपूर्ति की जाती है। उपजाऊ भूमि के अतिरिक्त काफी अनुपयोगी एवं ऊसर-बंजर भूमि है ऐसी भूमि को सुधार कर उपजाऊ बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने भूमि सुधार कार्यक्रम चलाया है। इसके अन्तर्गत मृदा परीक्षण, किसान पाठशाला के माध्यम से भूमि को उर्वरा बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। कृषि जोत की भूमि पर उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार सिंचाई संसाधनों एवं भूमि प्रबन्धन कर कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर बल दे रही है। सिंचाई परिक्षेत्र बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार निजी रूप से स्थापित कृषकों के नलकूपों मेंं सोलर फोटोवोल्टाइक पम्प (सोलर सिंचाई पम्प) की स्थापना, सिंचन क्षमता में वृद्धि के लिए 40 से 70 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है। सिंचाई व्यवस्था अच्छी होने पर कृषक वर्ष में नकदी फसल उत्पादन बढ़ाकर अपनी आय दोगुना कर रहे हैं। प्रदेश के कृषकों को अनुदान पर सोलर सिंचाई पम्प उपलब्ध कराये जाने की योजना कृषि विभाग एवं यूपीनेडा द्वारा संयुक्त रूप से संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत कृषकों को 02 एचपी के सर्फेस एवं 03 एचपी, 05 एचपी के सबमर्सिबल सोलर सिंचाई पम्प अनुदान पर उपलब्ध कराये जा रहें हैं। योजना के अन्तर्गत सोलर सिंचाई पम्पों की स्थापना के उपरान्त 05 वर्षों के कम्प्रीहेन्सिव रख-रखाव की सुविधा भी सरकार ने उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की है। लघु एवं सीमान्त कृषकों को इस योजना के तहत 02 एची एवं 03 एची के सोलर सिंचाई पम्पों हेतु राज्य सरकार द्वारा 45 प्रतिशत एवं केन्द्र सरकार द्वारा 25 प्रतिशत कुल 70 प्रतिशत अनुदान एवं सभी वर्गों के कृषकों के लिए 05 एचपी के सोलर सिंचाई पम्प हेतु राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार द्वारा 20-20 प्रतिशत कुल 40 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। 2 एचपी सर्फेस सोलर सिंचाई पम्प से प्रतिदिन 1.80 लाख लीटर पानी का डिस्चार्ज प्राप्त किया जा सकता है। 03 एचपी सबमर्सिबल सोलर सिंचाई पम्प से 30 मीटर हेड पर प्रतिदिन 1.05 लाख लीटर पानी का डिस्चार्ज प्राप्त किया जा सकता है। 05 एचपी सबमर्सिबल सोलर सिंचाई पम्प से 50 मीटर हेड पर प्रतिदिन 91 हजार लीटर पानी का डिस्चार्ज प्राप्त किया जा सकता है। सोलर सिंचाई पम्प योजना के तहत सोलर सिंचाई पम्प की स्थापना हेतु न्ण्च्ण् च्ंतकंतेप ज्ञपेंद मोबाइल एप अथवा
 ूूण्नचंहतपबनसजनतमण्बवउ के माध्यम से आनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। वर्ष 2018 में 9656 सोलर पम्पों का अधिष्ठापन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। वर्तमान वर्ष में 10000 सोलर सिंचाई पम्पों के अधिष्ठापन का लक्ष्य निर्धारित करते हुए किसानो को लाभान्वित किया जा रहा है। इस योजना के तहत जनपद पीलीभीत में सर्वाधिक 706 पम्पों की स्थापना का कार्य सम्पादित कराया गया है। सोलर पम्पों की स्थापना से निश्चय ही किसानों को लाभ मिला है और अतिरिक्त सिंचन की वृद्धि हुई है।

ब्यूरोरिपोर्ट-विवेक श्रीवास्तव
कलयुग की कलम राष्ट्रीय समाचार पत्रिका एवं वेब न्यूज चैनल
जनपद चित्रकूट
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