प्रिया सॉफ्टवेयर एक जघन्य समस्या बनकर सामने आ रहा है।

  जिले भर में  सरपंच सचिव  परेशान हैं  क्योंकि केंद्र सरकार से जो पैसा पंचायत खाते पर  भेजा जाता है ।
 जिससे पंचायतों के महत्वपूर्ण कार्य  सीसी रोड  नाली निर्माण साफ-सफाई  और पंचायत के दीगर कार्य  कराए जाते हैं।

उसकी सारी बिलिंग प्रिया सॉफ्ट वेयर से होती है।

 महीना होने को है। 
 बिल तो अपलोड हो रहे हैं।
  परंतु भुगतान नहीं हो रहा है।  ऐसे में  सरपंच सचिवों को दोषी मान वेंडर्स चढ़ाई कर रहे हैं। जबकि सरपंच सचिवों का कहना है  की प्रिया एप  काम नहीं कर रहा है ।
 जिससे भुगतान रुका हुआ है।
 ग्राम पंचायतों के खाते मैं फंन्ड होते हुए भी भुकतान नहीं हो रहा है ।
 ऐसी समस्या का निदान जल्द होना आवश्यक है।
क्योंकि सरपंच सचिवों को बैंनडर द्वारा साख पर  भारी मात्रा में  कंस्ट्रक्शन एवं अन्य मटेरियल दिया जाता है।
  पेमेंट ना होने की वजह से  घबराना लाजमी है।

  इसी तरीके से जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा जिला कटनी  मैं  दिसंबर माह से  मनरेगा मैटेरियल पेमेंट रुकी हुई है। 

बीच में  जिले की.सभी जनपद पंचायतों  मैं भुगतान किया गया लेकिन सीईओ प्रदीप कुमार की लापरवाही की वजह से  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा का भुगतान लंबित है ।
 सीईओ प्रदिप कुमार का ट्रांसफर भी हो चुका है।
 अब ढीमरखेड़ा सीईओ 
के के पन्डे की नियुक्ति हुई है। कार्यों में प्रगति होगी ऐसी आशा है।
 नए सीईओ के के पांडे जी के आने से लंबित कार्य पुर्ण होंगे  जल्द भुगतान होंगे ऐसा ग्रामीणों का मानना है।
 और स्वाभाविक है की कार्यों में तेजी आना भी चाहिए समस्याओं का जल्द निदान हो ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्ता युक्त कार्य हो  ग्रामीणों को क्या चाहिए इसके अलावा

इनका कहना है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी
जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा
श्री के के पांडे 
प्रिया सॉफ्टवेयर में छोटी-छोटी समस्याएं हैं कोई गंभीर समस्या नहीं हैं

          लेखक 
अब्दुल कादिर खान 
कलयुग की कलम
 मोबाइल 97536 87489
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