क्लस्टर एप्रोच से करें उद्यानिकी विस्तार - कलेक्टर

Kkkन्यूज कटनी- कलेक्टर शशिभूषण_सिंह ने कहा कि कटनी जिले में स्वीट कॉर्न और मक्के का विपुल उत्पादन है। मक्के के वैलूएडीशन उत्पाद तैयार करने प्रोसेसिंग फूड की दिशा में भी प्रयास किये जा सकते हैं। इसके अलावा स्वीट कॉर्न के फसलों के अवशिष्ट को पशुओं के चारा बनाने की यूनिट भी स्थापित की जा सकती है। उन्होने कॉन्टेक्ट फार्मिंग के अलावा जिले में उद्यानिकी फसलों का क्षेत्र विस्तार क्लस्टर एप्रोच के माध्यम से करने के निर्देश दिये हैं।शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुये । श्री सिंह ने कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कॉनटेक्ट फार्मिंग के जरिये अनार, केला, मशरुम, आलू सहित औषधीय फसल एलोविरा, स्टीविया, पामरोज तेल, खस तेल, लेमनग्रास की भी खेती हो रही है। उद्यानिकी कृषकों को इसका बेहतर लाभ मिल सके, इसके लिये स्थानीय स्तर पर उत्पादों के फूड प्रोसेसिंग यूनिट या इन्टरप्रेन्योर की कार्यवाही करें। महिला स्वसहायता समूह, एनआरएलएम के समूह और विभिन्न योजनाओं के स्वरोजगारियों को इस कार्य में जोड़ने प्रोत्साहित करें। जिले में मक्के और स्वीटकॉर्न का उत्पादन अधिक है। इन्हे प्रिजर्व करने के छोटे-छोटे उद्योग लगाकर वैल्यूएडीशन किया जा सकता है। कलेक्टर ने कहा कि जिले में क्लस्टर एप्रोच अपनाकर सब्जियों की खेती में ड्रिप इरिगेशन, मल्चिंग सिंचाई और पॉलीहाउस, शैडनेट की उन्नत विधियों को प्रोत्साहित करें।परियोजना अधिकारी उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि स्वयं के साधन से सब्जी का क्षेत्र विस्तार में वर्ष 2019-20 में 1426 हैक्टेयर में सब्जी उत्पादन, 110 हैक्टेयर में मसाला उत्पादन, क्षेत्र विस्तार का लक्ष्य रखा गया है। संरक्षित खेती योजना में 26 हैक्टेयर, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में 300 हैक्टेयर, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम से सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है। जिले के किसानों द्वारा कॉन्टेक्ट फार्मिंग स्वयं के व्यय पर 30 एकड़ में आलू बीज, 35 एकड़ में टिशूकल्चर केला, 20 एकड़ में टिशूकल्चर अनार, 25 एकड़ में मुनगा, 37 एकड़ में एलोविरा, 40 एकड़ में लेमन ग्रास, 25 एकड़ में पामारोजा तेल और 12 एकड़ में खस की खेती की जा रही है।

*सोनू त्रिपाठी ग्रामीण रिपोर्टर कलयुग की कलम कटनी*
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