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कांग्रेस-भाजपा कर रहीं हैं सस्ता सुलभ न्याय की हत्या
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रीवा 19 जुलाई 2019/कोर्ट बचाओं, शहर बचाओं संघर्ष समिति ने रीवा में हो रहे दिनांक 20.07.2019 को विधिक सेमीनार में शिरकत करने आये मान्नीय न्यायाधिपति महोदय उच्च न्यायालय जबलपुर श्री सुजाय पाल जी, एवं जस्टिस विजय शुक्ला जी, से मांग करते कहा कि विन्ध्य की जनता को सस्ता शुलभ न्याय तभी प्राप्त होगा, जब रीवा कोर्ट का भवन यथावत रखा जायेगा, अन्यथा सस्ते शुलभ न्याय की परिकल्पना पूर्ण नही होगी, मात्र कागजो तक सिमट कर रह जायेगी, क्योंकि जहां पर कोर्ट भवन है उसके ही आस पास कलेक्ट्रेट, कमिश्नरी, फोरम न्यायालय, कुटुम्ब न्यायालय, एस.पी. कार्यालय, आई.जी. कार्यालय, नगर निगम सहित सभी शासकीय एवं अशाासकीय विभाग एवं पास ही बस स्टैण्ड एवं रेलवे स्टेशन है, तथा यही मान्नीय उच्चतम न्यायालय व केन्द्र सरकार की मंशा भी है कि सबको सस्ता शुलभ न्याय मिले, लेकिन म0प्र0 सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह व स्थानीय पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ला द्वारा संविधान व सुप्रीम कोर्ट की भावनाओं के विपरीत व्यक्तिगत लाभ के लिये कोर्ट भवन हटाने का काम किया गया है। हाल ही विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कोर्ट भवन यथावत करने का वचन वादा किया था, लेकिन आज वह भी भाजपा के ही बताये हुये रास्ते पर चल रहे है। जबकि रीवा का कोई भी एक व्यक्ति नही चाहता कि वर्तमान कोर्ट भवन हटाया जाय, इंजीनियरिंग काॅलेज में जहां निर्माण कार्य शुरू है, उस जमीन में जजेज बंगले व कालोनियां बना दिया जाय, हमारा वर्तमान कोर्ट भवन आजादी के पूर्व से ही ऐतिहासिक यादगार है:- क्योंकि  वर्तमान कोर्ट भवन विन्ध्य प्रदेश का हाईकोर्ट भवन था, जिसमें श्री पी.सी. मोघा जी चीफ जस्टिस रहे है, जिन्होने ड्राफ्टिंग प्लीडिंग की किताब लिखी थी, जो उस समय क्या आज भी एक मात्र अनूठी पुस्तक है। इसी कोर्ट भवन में जस्टिस कृष्णन जी हाई कोर्ट जज रहे, जिन्होने एक ऐतिहासिक फैसला दिया था, जो केश ए.आई.आर. 1953 बी.पी. में एस.बी. सिंह बनाम स्टेट आॅफ विन्ध्य प्रदेश के रूप में प्रकाशित है। इसी बिल्डिंग में श्री जी.पी. सिंह जी वकालत करते थे जो बाद में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जज और फिर चीफ जस्टिस आॅफ म0प्र0 हाईकोर्ट बने व बाद में म0प्र0 के लोकायुक्त बने जो बड़े विद्वान थे, जिन्होने भी एक पुस्तक इन्टर पटेशन ऐट दि स्टेटस लिखी, कई पुस्तकों के रिव्यू आॅडीटर बने व लिखी तथा वर्तमान में गोहाटी हाई कोर्ट के चीफजस्टिस श्री अजीत सिंह जी के पिता है। इसी बिल्डिंग मंे श्री आर.के. तन्खा साहब ने वकालत की जो भी बाद में एम.पी. हाईकोर्ट जज बने। इसी बिल्डिंग में श्री जे.एस. वर्मा साहब ने भी वकालत की जो बाद में म0प्र0 हाई कोर्ट जज बने, फिर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बने तथा बाद में राष्ट्रीय मानवा अधिकार के अध्यक्ष बने, और फिर दिल्ली में निर्भया काण्ड के बाद आई.पी.सी. में बलात्कार के मामले में कानून सुधार हेतु बनाये गये लाॅ कमीशन के चेयरमैन बने। जो सुधार मंजूर होकर आज कानून बना हुआ है। इसी बिल्डिंग में इलाहाबाद के श्री अंशुमान सिंह जी ने वकालत की जो बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज बने फिर राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस व राज्यपाल भी बनें। इसी बिल्डिंग व परिसर में श्री रामपाल सिंह जी ने वकालत की जो बाद में सन् 1984 में एम.पी.हाईकोर्ट के जज बने व बाद में सी.ए.टी. (सेन्ट्रल अपीलेट ट्रिब्यूनल) के उपाध्यक्ष बने। इसी बिल्डिंग में पं0 श्री श्रीनिवास तिवारी जी ने वकालत की जो बाद में म.प्र. सरकार में सन् 1980 में मंत्री बने और फिर म.प्र. विधानसभा अध्यक्ष भी रहे। इसी बिल्डिंग में श्री के.एन. सिंह जी भी कई बार बहस करने इलाहाबाद से आये जो बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज बने फिर सुप्रीम कोर्ट जज बने और फिर सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस बने। इसी बिल्डिंग में श्री डी.पी. सिंह जी ने वकालत की शुरूआत की बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज बने। इसी बिल्डिंग में वर्तमान के गोहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस श्री अजीत सिंह जी ने सन् 1985 में तत्कालीन सेसन जज रीवा श्री बी.डी. वाजपेई जी के कोर्ट में जमानत में बहस किये जो बाद में एम.पी. हाईकोर्ट में जज बने और अब गोहाटी हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस है। इसी बिल्डिंग में जिला जज के रूप में कार्यरत रहे श्री एम.डी. भट्ट जी, श्री के.के. वर्मा जी, श्री एस.के. चावला जी, श्री एस.पी.खरे जी, श्री आई.एस. श्रीवास्तव जी, श्री एस.के. पालो जी, श्री आर.पी. अवस्थी जी तथा ए.डी.जे. रहे श्री शम्भू सिंह जी, कु. ऊषा अवस्थी जी व सी.जे.एम. रही श्रमती शीला खन्ना जी म.प्र. हाईकोर्ट में जज बनी। ऐसी ऐतिहासिक धरोहर को इस ऐतिहासिक परिसर से नही हटाया जाना चाहिये लेकिन यह अंग्रेजियत की सरकारें हटाने में तुली हुई है हम संघर्ष समिति के लोग माननीय न्यायाधिपतिगण से यह मांग करते है कि आपके परिवार की यादें भी इस बिल्डिंग व परिसर से जुड़ी है। कोर्ट बचाओ संघर्ष समिति के नेता समाजवादी नेता कौशल सिंह, राष्ट्र सेवा दल के बृहस्पति सिंह, मीसाबंदी सुभाष श्रीवास्तव, मीसाबंदी अजय खरे, मीसाबंदी रामेश्वर सोनी, अपना दल के प्रदेशाध्यक्ष मास्टर बुद्धसेन पटेल, सपा प्रदेश सचिव रामायण सिंह, समाज सेवी अभय वर्मा, जे.डी.एस प्रदेशाध्यक्ष शिव सिंह, अपनादल के बद्री प्रसाद कुशवाहा, समाज सेवी विश्वनाथ चोटीवाला आदि ने मांग करते कहा कि आपसी चर्चा कर सरकार को निर्णय बदलने निर्देशित करे।

भवदीय

विश्वनाथ पटेल चोटी वाला
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