आपत्तिजनक वीडियो और लखनऊ में मुस्लिमविहीन देश बनाने के लिए मार्च निकालने वाले चरमपंथियों पर चुप्पी क्यों?

सांकेतिक कार्यवाही कर मामले को रफादफा करना चाहती है सरकार

लखनऊ 27 जुलाई 2019। रिहाई मंच ने सोशल मीडिया पर संप्रदायिक अति आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने वाले 4  विघ्टनकारी तत्वों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने को अपर्याप्त कार्यवाही बताया है। पुलिस का यह कर्तव्य बनता है कि वह उस गिरोह के हर उस सदस्य को गिरफ्तार करे जो वीडियो में साफ देखे जा सकते हैं जिन्होंने गाने को लिखा, गाया और गायक के साथ नृत्य में हिस्सा लिया। कावड़ यात्रा के दौरान इस तरह के वीडियो और साम्प्रदायिक बयान के जरिए तनाव पैदा करने का खुला षड्यंत्र है।

रिहाई मंच अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब ने कहा की हर उस शख्स पर कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए चाहे वो हिन्दू समाज पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव राजेश मणि त्रिपाठी हो जिसने 21 जुलाई, 2019 को लखनऊ के हजरतगंज स्थित दरुलसफा विधायक निवास से जीपीओ गांधी प्रतिमा तक सांप्रदायिक रैली निकाली और धरना भी दिया था। वीडियो में साफ तौर पर उसे मीडिया को बयान देते हुए सुना जा सकता है कि "यहां से मुसलमानों को वापस पाकिस्तान भेजा जाए।" इसके बाद वो कह रहा है की ये देश मुसलमान विहीन और हिन्दू राष्ट्र बने। वीडियो में साफ सुनाई दे रहा है कि वह पूरे देश में आतंक मचाने की बात कह रहा है। उन्होंने कहा कि उसका यह बयान देश के नागरिकों में धर्म के नाम पर वैमनस्यता फैलाने वाला और हिन्दू समाज के लोगों को आतंकी गतविधियों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन सरकार के दबाव में सांकेतिक कार्रवाई करके मामले को रफादफा करना चाहता है।

रिहाई मंच नेता रॉबिन वर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्यों में बीजेपी की सरकार बनने के बाद वंचितों पर हमले बढ़े हैं। मुसलमानों के बाद अनुसूचित जाति के लोगों का सबसे ज़्यादा दमन हो रहा है। वंचित समाज को एक तरफ गाय, जय श्री राम के नारे ना लगाने और चोरी के नाम पर लिंच किया जा रहा है। वहीं आर्थिक रूप से उनकी हालत पहले से खराब हुई है। यूनाइटेड नेशन्स डेवलपमेंट रिपोर्ट और ऑक्सफोर्ड की बहुआयामी गरीबी सूचकांक, 2018 में भी बताया गया है कि हर दूसरा आदिवासी और हर तीसरा अनुसूचित जाति और मुसलमान आर्थिक रूप से गरीब है। उन्होंने कहा कि दलितों, आदिवासियों और हाशिए पर खड़े समाज की शिक्षा और सरकारी नौकरियों भागीदारी लगातार घटती जा रही है ताकि ये अशिक्षित और बेरोजगार रह हिंदुत्व की नैय्या के खेवन हार बने रहें।

सुधीर कुमार गंगवार पत्रकार 
उतर प्रदेश हरदोई
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