KKK न्यूज़ ब्यूरो रिपोर्ट
       प्रयागराज
विकास कुमार पटेल

गड्ढ़ा खुदान का कार्य से पूर्ण कर उसका भौतिक सम्यापन कराने के जिलाधिकारी ने दिये निर्देश
आवंटित पौधों का रोपण मानकों के अनुरूप सुनिश्चित हो-जिलाधिकारी, प्रयागराज
29 जून 2019 प्रयागराज। 
जिलाधिकारी प्रयागराज श्री भानुचंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में आज दिनांक 29 जून 2019 को जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक संगम सभागार, कलेक्टर में हुई। वित्तीय वर्ष 2019-20 में विभागवार आवंटित वृक्षारोपण लक्ष्य के सापेक्ष खोदे गये गड्ढ़ों की प्रगति की समीक्षा की गयी तथा निर्देश दिये गये कि निर्धारित समयावधि के अन्दर गड्ढ़ा खुदान पूर्ण कर लिये जाय तथा गड्ढ़ा खुदान का भौतिक सत्यापन भी अवश्य कराया जाय। निःशुल्क पौध आपूर्ति हेतु शर्तो के अधीन पौध दिये जाने पर विचार किया गया तथा यह निर्णय लिया गया कि निःशुल्क पौध आपूर्ति हेतु सक्षम अधिकारी द्वारा यह प्रमाण पत्र देना होगा कि पौधरोपण हेतु गड्ढ़ों का खुदान कर लिया गया है तथा श्रेणी-1 के मामलों को छोड़कर सक्षम अधिकारी को यह प्रमाण पत्र देना होगा कि वृक्षारोपण हेतु प्राक्कलन सक्षम स्तर से स्वीकृत है एवं पौधरोपण हेतु धनराशि उपलब्ध है। जिलाधिकारी प्रयागराज द्वारा निर्देश दिया गया कि प्रत्येक विभाग के कार्यालयाध्यक्ष प्रत्येक दो दिवस के अन्तराल पर मौके पर जाकर स्वयं सत्यापन करेंगे कि उनके विभाग में गड्ढ़ा खुदान कार्य प्रगति पर है। यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सारे पौध नियमानुसार सार्वजनिक भूमि अथवा शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप में विधिसम्मत ढंग से मानकों के अनुरूप लगवा दिये गये हैं तथा उनके सुरक्षा तथा सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गयी है। प्रभागीय निदेशक द्वारा स्पष्ट किया गया कि पौधों का स्थानान्तरण डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर जैसा है, इसलिये पौधों के वितरण में विशेष सावधानी बरती जाय तथा यह सुनिश्चित कर लिया जाय कि प्रत्येक अवस्था में आवंटित पौधों का रोपण मानकों के अनुरूप हो। 
मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा पूरे प्रदेश में सहजन पौध के रोपण पर विशेष बल दिया गया है अतः सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि अधिक से अधिक सहजन के पौधों का रोपण किया जाय। प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग, प्रयागराज द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में विभागीय पौधशालाओं में सहजन प्रजाति के कुल 781000 पौधों का उगान किया गया है। सहजन एक औषधीय पौध है, जिसकी छाल, पत्ती, फल, फूल सभी को औषधीय उपयोग में लाया जाता है। इसके अतिरिक्त शीसम, सागौन, यूकेलिप्टस, नीम, इमली, कंजी, सहजन, आंवला आदि प्रजाति के पौधों का पर्याप्त मात्रा में उगान किया गया है। वृक्षारोपण हेतु अन्य विभागों की निष्प्रयोज्य भूमि उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में भी विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में सम्बन्धित सभी विभाग के विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उद्योग बन्धु की बैठक सम्पन्न
सारे अभिलेख के साथ लम्बित पड़े मामलों का निस्तारण करने केे जिलाधिकारी ने दिये निर्देश
जिलाधिकारी प्रयागराज श्री भानुचंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में संगम सभागार में जिला उद्योग बन्धु की बैठक की गयी, जिसमें उपायुक्त उद्योग ए0के0 चैरसिया, फायर ब्रिगेड, विद्युत विभाग सहित सम्बन्धित अधिकारियों के साथ उद्योग बन्धु भी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान सम्बन्धित सभी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योग से सम्बन्धित जो भी प्रकरण चल रहे है, उसको प्राथमिकता के तौर पर निस्तारित करें तथा जो आपके निस्तारण नहीं कर सकते है, वे अपने उच्चस्तरीय अधिकारियों से उद्योग बन्धु की बैठक करा कर सही निर्णय दे। इनके कार्यों में हीला-हवाली कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। इसीक्रम में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को लम्बित 52 प्रकरणों में 2 प्रकरणों का निस्तारण किया गया तथा सही उत्तर न दे पाने के कारण स्पष्टीकरण के साथ उच्च अधिकारियों को पत्र के द्वारा सूचित करने के निर्देश दिये। इसीक्रम में विद्युत विभाग तथा खाद्यय सुरक्षा विभाग के जो भी लम्बित मामले है, उसको निस्तारित करने के लिए 05 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिये। इन्द्रेश भार्गव के जमीन सम्बन्धी आवंटन के मामलों को ए0डी0एम0 वित्त को जांच कर आख्या देने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने यू0पी0एस0आई0सी0 को लम्बित पड़े नक्शे को 05 जुलाई तक सही निस्तारित करने के निर्देश दिये साथ ही बताया कि अगली उद्योग बन्धु की बैठक में सारे अभिलेख दुरूस्त करने के साथ-साथ सही जानकारी देने के निर्देश दिये।
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