अऋणी किसानों के फसल बीमा के लिये बैंक शाखा में लगायें शिविर - कलेक्टर

Kkkन्यूज कटनी- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिक से अधिक अऋणी किसानों को भी फसल बीमा का लाभ दिलानें कलेक्टर शशिभूषण_सिंह ने बैंक शाखा स्तर पर शिविर लगाने के निर्देश दिये हैं। इसके अलावा पटवारियों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे बैंक शाखा में शिविर वाले दिन खसरा-खतौनी के साथ उपस्थित रहें और अऋणी किसानों को ख्सारा खतौनी की नकल एवं बोनी प्रमाण पत्र जारी करें। ऋणी और अऋणी किसानों की फसल बीमा की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2019 निर्धारित है।कलेक्टर श्री सिंह ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार और सीईओ जनपद को दिये निर्देशों में कहा गया है कि शासन के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को प्रभारी अधिकारी और सभी जनपद सीईओ को सहायक प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। जिले में बीमा कम्पनी के रुप में ओरिएन्टल इश्योरेन्स कम्पनी लिमिटेड भोपाल का चयन शासन स्तर से किया गया है। ऋणी किसानों के लिये फसल बीमा अनिवार्य होने से ऋणी किसानों के लाभान्वितों की संख्या अत्याधिक होती है। परन्तु अऋणी किसानों के लिये स्वैच्छिक होने से बहुत कम लोग लाभ उठा पाते हैं। अऋणी किसानों को फसल बीमा योजना के प्रति प्रोत्साहित करने और लाभ उठाने फसल बीमा के लिये बैंक शाखा स्तर पर शिविर लगाये जायें। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार और सीईओ जनपद इन शिविरों में उपस्थित होकर मॉनीटरिंग करें और सुनिश्चित करें कि सर्विस एरिया के ग्रामों के संबंधित पटवारी, ग्राम सेवक, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक तथा मैदानी कर्मचारी इन शिविरों में उपस्थित होकर कृषकों के बीमा प्रस्ताव तैयार करने समस्त औपचारिकतायें पूर्ण कर किसानों को बीमा का लाभ दिलायें। यदि एक पटवारी हल्के में एक ही दिन दो बैंक शिविर आयोजित हो रहे हों, तो एक शिविर में वहां के ग्राम सचिव, पंच, सरपंच बोनी प्रमाण पत्र जारी करेंगे।कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ 2019 के लिये कटनी जिले के लिये सिंचत, असिंचित धान और उड़द तथा विजयराघवगढ़ तहसील में तिल सम्पूर्ण जिले के लिये अधिसूचित है। धान की ईकाई पटवारी हल्का है। किसानों का प्रीमियम स्केल ऑफ फायनेन्स के 75 प्रतिशत राशि का 2 प्रतिशत जमा करना है। जिसमें धान सिंचित 500 रुपये प्रति हैक्टेयर, धान असिंचित 375 रुपये प्रति हैक्टेयर, तिल 255 रुपये प्रति हैक्टेयर और उड़द 375 रुपये प्रति हैक्टेयर प्रीमियम निर्धारित है। अल्प राशि में किसान अपनी फसल का बीमा कराकर प्राकृतिक आपदा से अपनी फसल के जोखिम की भरपाई कर सकते हैं।

सोनू त्रिपाठी ग्रामीण रिपोर्टर कलयुग की कलम कटनी
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