KKK न्यूज रिपोर्टर
         नैनी
    सुभाष चंद्र

प्रयागराज 16 जुलाई।
20 साल पुराने एक मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ को आज भारी राहत मिली है।
 तत्कालीन सीजेएम महाराजगंज द्वारा निरस्त किए गए परिवाद के खिलाफ दाखिल निगरानी को  दोनों पक्षों को सुनने के बाद ,पर्याप्त आधार ना पाते हुए मंगलवार को स्पेशल जज एमपी एमएलए कोर्ट पीके तिवारी ने खारिज कर दिया है ।साथ ही कहा कि अवर न्यायालय द्वारा पारित आदेश प्रक्रिया सम्मत है तथा शुद्ध व अवचित पूर्ण है ।
10 फरवरी 99 की शाम 4:00 से 4:30 बजे के बीच  घटित घटना के बारे में वादियां श्रीमती तलत अजीज ने 11 फरवरी को मुकदमा दर्ज कराया था कि ,राजनैतिक विद्वेष वस हजारों लोग वादी व अन्य की हत्या के उद्देश्य गाली देते हुए तोड़फोड़  कर गोलियां चलाई थी ,उस समय के सांसद योगी आदित्यनाथ समर्थकों के साथ सभा स्थल पर आ गए और कार्यकर्ताओं को हटाने लगे ,फायर किया गया। जिससे तलत अजीज के गनार सत्य प्रकाश यादव की मृत्यु हो गई थी। मुकदमे की विवेचना के बाद सीबीसीआईडी ने एफ आर लगा दिया। उसके बाद उन्होंने प्रोटेस्ट अर्जी दाखिल किया ।इसे अदालत ने परिवाद के रूप में दर्ज किया ।गवाहों के बयान के बाद अदालत ने 13 मार्च 2018 को परिवार को निरस्त कर कार्यवाही समाप्त कर दी ।उसके बाद सेशन कोर्ट में निगरानी दाखिल की गई। गौरतलब है कि सुनवाई वा दौरान  बहेस उभय पक्ष के वकीलों ने दोनों रिवीजन प्रार्थना पत्र में हाजिर होकर प्रार्थना पत्र पेश किया कि,मूल वाद गलतफहमी में दर्ज करा दिया गया था। संबंधित अपराध विवेचना में झूठा पाया गया है और अपराध प्रमाणित नहीं हो सका है ।इसके तहत अंत में अदालत ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने के बाद तत्कालीन सीएम के आदेश को पुष्ट करते हुए ,निगरानी निरस्त कर दी।
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