हरदोई मुख्यालय।
समायोजन रद्द होने से अवसाद ग्रस्त शिक्षामित्रों की मौत पर साथियों ने काला दिवस मनाया। शहीद उद्यान में एकत्र होकर शोकसभा आयोजित कर संवेदना व्यक्त की।

गुरुवार के दिन जिला मुख्यालय के शहीद उद्यान में आयोजित शोकसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष मनीराम राजपूत ने बताया कि वर्ष 25 जुलाई 2017 को महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का सपथ ग्रहण हो रहा था। शिक्षामित्र भी खुश थे अचानक उसी दिन सुप्रीम कोर्ट से एक आदेश समायोजन रद्द करने को लेकर दिया गया तो पैरों तले जमीन खिसक गई। दो वर्ष में एक-एक करके लगभग 1350 शिक्षामित्र अवसाद ग्रस्त होकर काल के गाल में समा गए। अभी तक लगातार आत्महत्या व अवसाद के कारण मौतों का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है। सरकार से आग्रह है कि जल्द इन लोंगों का भविष्य सुरक्षित किया जाए। अरुण दीक्षित ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से आदेश के बाद राहत न मिलने से आहत शिक्षामित्रों की लगातार मौते हो रही हैं। संघर्ष जिंदगी है आत्महत्या जैसे कदम न उठाएं जाए बल्कि स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर सरकार से समय-समय पर मांग की जानी चाहिए। अभी 69000 शिक्षक भर्ती में सरकार सकारात्मक निर्णय लेकर शिक्षामित्रों को अवश्य लाभ देगी। मंडल अध्यक्ष संजीव यादव ने कहा कि पिछले दो वर्षों में शिक्षामित्रों की दयनीय दशा हो गई है। समय से मानदेय न मिलने के कारण दो वक्त की रोटी के लाले पड़े हुए है बच्चो की शिक्षा दीक्षा व परिवार के सदस्यों की अपेक्षा बढ़ी इसीलिए शिक्षामित्र आहत हैं। शोकसभा में मौजूद सुनील वर्मा, रामलड़ैते राजपूत, रामभोले शर्मा, दिनेश राठौर, प्रकाशचंद्र, रामसिंह आदि दर्जनों ने मिलकर कैंडिल प्रज्वलित कर मृतक शिक्षामित्रों की आत्मा शांति के लिए मौन रखकर संवेदना व्यक्त की।




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