ट्रैन में फ़ैली गंदगी सरकार चुप्पी साधे बैठी.

 -सण्डीला 

रोजाना सैकड़ों किलोमीटर यात्रा करते हैं देश में रेलवे आवागमन का एक बेहतर साधन है। इसलिए उसे देश की लाइफ लाइन भी कहा जाता है, लेकिन ट्रेन में फैली गंदगी, उसकी साख पर बट्टा लगा रही है। अधिकतर यात्रियों की यही शिकायत होती है कि ट्रेन और टॉयलेट साफ नहीं होते हैं। जबकि, इसमें सुधार के लिए रेलवे ने तमाम प्रयास किए हैं। ठेकेदार पर लगाम कसने के लिए हेल्प लाइन नम्बर भी जारी किए गए हैं। इसके बावजूद सामान्य ही कोच में गंदगी देखने को मिलता है जिससे यात्रीयो को परेशानी होती है जरूरत पडने पर न पानी मिलता है न ही टॉयलेट में जाने का मन करता है
ट्रेन में दिखी हर जगह गंदगी
रेल यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मैट्रो ट्रेन हमारे देश में ही बनी है व वहीं के स्टेशनों के प्रबंध व साफ-सफाई को पहली बार देखने वाले लोग सपना देखने की तरह महसूस करते है। ऐसे प्रबंध ही आम शहरों के रेलवे स्टेशनों पर होने चाहिए। यहां का खान-पान ऐसा ना हो कि यात्री अपने साथ बीमारियां लेकर घर जाएं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत की है। रेलवे विभाग भी इस मुहिम में अपना सहयोग दे।
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