मुख्यमंत्री ने जन अधिकार कार्यक्रम में ली जनसमस्या निराकरण की जानकारी

Kkkन्यूज कटनी- सीएम मध्यप्रदेश श्री कमलनाथ ने कहा कि राज्य शासन द्वारा शुरु किये जा रहे ’’आपकी सरकार-आपके द्वार’’ कार्यक्रम के तहत कलेक्टर सहित वरिष्ठ जिला अधिकारी प्रत्येक माह 2 विकासखण्डों में कम से कम चार भ्रमण जरुर करें। मुख्यमंत्री मंगलवार को जनअधिकार कार्यक्रम के अन्तर्गत जिले के कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक एवं संभागीय कमिश्नर तथा विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 10 जिलों के 12 अवेदकों से संबंधित सीएम हेल्पलाईन और लोकसेवा गारंटी के तहत बाह्य हुये लंबित प्रकरणों के निराकरण के बारे में संबंधित जिला कलेक्टर से बात-चीत कर की गई कार्यवाही के संबंध में भी जानकारी ली। कटनी कलेक्ट्रेट के एनआईसी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में कलेक्टर शशिभूषण सिंह, पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा, आयुक्त नगर निगम आर0पी0 सिंह सहित विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।जन अधिकार कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने उज्जैन, गुना, शहडोल, उमरिया, सागर, देवास, बड़वानी, टीकमगढ़, राजगढ़, मंदसौर जिलों से संबंधित 12 आवेदकों की समस्याओं के लंबित प्रकरणों के निराकरण में की गई कार्यवाही की जानकारी ली। उन्होने कहा कि जनअधिकार कार्यक्रम में शिकायतों का त्वरित निराकरण होना चाहिये और हितग्राही को शीघ्र राहत मिले, तभी इस मंच के सही मायने साबित होंगे। उन्होने कहा कि जनअधिकार कार्यक्रम की तर्ज पर जिलास्तर पर भी हेल्पलाईन बनाने के प्रयास किये जायें। जनअधिकार कार्यक्रम में सीएम हेल्पलाईन में अच्छा परफॉर्मेन्स और कम परफॉर्मेन्स देने वाले जिले की ग्रेडिंग, संतुष्टिपूर्ण निराकरण प्रतिशत और व्यक्तिगत अच्छा परफॉर्मेन्स देने वाले अधिकारियों की जानकारी भी दी गई।मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने जनअधिकार कार्यक्रम में कहा कि राज्य शासन द्वारा ’’आपकी सरकार-आपके द्वार’’ कार्यक्रम शुरु किया जा रहा है। कलेक्टर सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी क्षेत्र भ्रमण करेंगे और लोगों की समस्याओं का निराकरण तथा पात्र हिताग्राहियों को योजनाओं, कार्यक्रमों का लाभ मौके पर पहुंचाने का प्रयास किया जायेगा। उन्होने जिलों में खाद-बीज आपूर्ति की स्थिति, बाढ़ और अतिवृष्टि से निपटने की गई तैयारियों, स्कूल चलें हम अभियान, स्किल डेव्हलपमेन्ट प्रोग्राम, कानून एवं व्यवस्था के संबंध में जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जिलों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दें, इससे रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में इन्वेस्ट का बड़ा योगदान होता है। स्किल डेव्लपमेन्ट प्रोग्राम को रोजगार और आजीविका से जोड़ें। उन्होने कहा कि प्रत्येक जिले में स्किल डेव्लपमेन्ट से कितना रोजगार और स्वरोजगार मिला है, इसकी दो हफ्ते में सभी कलेक्टर शासन को रिपोर्ट भेजें।



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